बिलासपुर। सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित लंबे समय से लोगों को प्रभावशाली अधिकारियों से पहचान होने का दावा कर ठगता था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की और अंततः उसे उसके गांव से पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम उरैहा निवासी अंबिका प्रसाद भारद्वाज ने की थी, जो पोल्ट्री फार्म का संचालन करते हैं। अंबिका प्रसाद ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2023 में उनकी पहचान मुलमुला क्षेत्र के छेड़ोलिया में रहने राजा भैया लहरे से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को उस समय की कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के करीबी अधिकारियों से जुड़ा हुआ बताया। उसने दावा किया कि उसकी पहुंच मंत्रालय और कई विभागों तक है और वह सरकारी नौकरी लगवा सकता है। आरोपी ने परिवार न्यायालय रायपुर और मुंगेली में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। विश्वास दिलाने के लिए आरोपी युवक अंबिका प्रसाद को रायपुर स्थित सरगुजा कुटीर भी ले गया, जहां उसने किसी व्यक्ति से मुलाकात कराई। इससे प्रभावित होकर पीड़ित ने अपने बेटे और भतीजे की नौकरी लगवाने के लिए आरोपी को किस्तों में रकम देना शुरू कर दिया। पीड़ित ने 17 लाख 65 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और सात लाख 35 हजार रुपये नकद दिए। इस तरह कुल 25 लाख रुपये आरोपी को दे दिए गए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब उनके बेटे और भतीजे की नौकरी नहीं लगी तो उन्हें शक हुआ। बाद में जानकारी लेने पर उन्हें पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया और फिर अचानक गायब हो गया। बताया जा रहा है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपी के परिजनों ने उल्टा पीड़ित पर दबाव बनाने की कोशिश की। आरोपी के घर वालों ने मुलमुला थाने में उसके गायब होने की शिकायत दर्ज कराते हुए गुमशुदगी का मामला दर्ज करा दिया था। कुछ समय बाद मामला शांत होने पर आरोपी फिर गांव लौटकर रहने लगा। इधर जनवरी 2026 में पुलिस ने अंबिका प्रसाद की शिकायत पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने लगातार पतासाजी कर आरोपित को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं उसने और लोगों को भी इसी तरह ठगी का शिकार तो नहीं बनाया।
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