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February 3, 2026 8:59 pm

पूर्व आबकारी मंत्री को मिली सशर्त अंतरिम जमानत

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत देते हुए कहा कि जेल से रिहाई के बाद लखमा को छत्तीसगढ़ छोड़ना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को जेल से रिहाई के बाद छत्तीसगढ़ छोड़ना होगा। पासपोर्ट हो तो उसे सरेंडर करना होगा। जांच एजेंसी या फिर कोर्ट की सुनवाई के दौरान उनको अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। संबंधित पुलिस थाने में अपना मोबाइल नंबर जो उनके पास है और जिसे उपयोग करते हैं,देना होगा। याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता परगनिहा ने कवासी लखमा की ओर से पक्ष रखा। कवासी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में तकरीबन ढाई घंटे सुनवाई चली।

ED ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया था। ED ने रिमांड पर उनसे 7 दिन पूछताछ की थी। इसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया था। 2 महीने पहले कांग्रेस ने जेल में बंद कवासी लखमा के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था।
ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और कोंटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक कवासी लखमा शराब घोटाले में सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। उनके निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी। आबकारी मंत्री की हैसियत से छत्तीसगढ़ में शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इशारे पर छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई। ED का दावा है कि तत्कालीन आबकारी मंत्री लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया। ED ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई। नेता, कारोबारी और अधिकारियों ने जमकर अवैध कमाई की।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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