एएसपी ने कहा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार,वीडियो वायरल कर उनकी व्यक्तिगत छवि के साथ-साथ बिलासपुर पुलिस को बदनाम करने का प्रयास
छत्तीसगढ़ बिलासपुर।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर चर्चा में आए एएसपी राजेंद्र जायसवाल ने मंगलवार को मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने वीडियो को पुराना बताते हुए कहा कि यह 13 दिसंबर 2025 का है जब वे बिलासपुर में एएसपी सिटी के पद पर पदस्थ थे।
एएसपी राजेंद्र जायसवाल के अनुसार वीडियो में दिख रहा व्यक्ति एक स्पा सेंटर का संचालक था जो किसी एफआईआर के संबंध में बातचीत करने उनके कार्यालय आया था। उसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ आने को कहा गया था। बाद में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिस मामले में वह अपराध दर्ज कराने की बात कर रहा था उसी विषय में सिविल लाइन थाने में पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी थी।
एएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में किसी भी स्तर पर जाँच होती है तो वे पूरा सहयोग करने के लिए तैयार
एएसपी राजेंद्र जायसवाल ने कहा कि स्पा संचालक द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर उनकी व्यक्तिगत छवि के साथ-साथ बिलासपुर पुलिस को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं की है।
गौरतलब है कि वायरल वीडियो के सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए आईजी रेंज आईपीएस डॉ. संजीव शुक्ला ने जाँच के आदेश दिए हैं। जाँच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आईजी रेंज द्वारा जाँच के आदेश दिए जाने के बाद अब निगाहें जाँच पर टिकी हुई हैं सभी पहलुओं और उपलब्ध तथ्यों की समीक्षा की जाएगी ताकि निष्पक्ष रूप से सच्चाई सामने आ सके।
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