दो साल पुराना बताया जा रहा वीडियो, अब सामने आने पर उठे सवाल
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के बाद अब सूरजपुर जिले से भी सरकारी रेस्ट हाउस में आयोजित आपत्तिजनक डांस का वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सूरजपुर जिले के कुमेली वॉटरफॉल स्थित वन विभाग के शासकीय रेस्ट हाउस का बताया जा रहा है, जहां महिला डांसर्स द्वारा आर्केस्ट्रा के साथ नृत्य किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि यह वीडियो तीन–चार दिन पुराना है। वायरल दृश्य में रेस्ट हाउस परिसर में रात के समय आयोजन होते हुए दिखाई दे रहा है, जहां मौजूद लोग डांसर्स के साथ नाचते नजर आ रहे हैं। चर्चा है कि आयोजन के दौरान शराबखोरी भी की गई।

यह रेस्ट हाउस सूरजपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत कुमेली वॉटरफॉल के समीप स्थित है, जिसे वन विभाग द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि रेस्ट हाउस को रात के समय नियमों के विपरीत खोला जाता है और इस तरह के आयोजन विभागीय कर्मचारियों अधिकारियों की जानकारी अथवा अनुमति से होते हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले गरियाबंद जिले में भी शासकीय परिसर में इसी प्रकार के आयोजन का मामला सामने आया था, जिसमें जांच के बाद एसडीएम को हटाया गया था तथा पुलिसकर्मियों पर निलंबन व गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई थी।

सूरजपुर मामले में वीडियो वायरल होने के बावजूद अब तक विभागीय स्तर पर कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई सामने नहीं आई है। स्थानीय नागरिकों ने इसे सामाजिक मर्यादा और परंपराओं के विरुद्ध बताते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है कुमेली रेस्ट हाउस

कुमेली वॉटरफॉल के समीप स्थित यह रेस्ट हाउस स्थानीय पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसमें बिजली, पानी, जनरेटर, सुरक्षा और ठहरने की समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। हालांकि हालिया घटनाक्रम के बाद क्षेत्र की छवि प्रभावित होने और पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
दो साल पुराना बताया जा रहा वीडियो, अब सामने आने पर उठे सवाल
सुरजपुर जिले के पर्यटन स्थल कुमेली वाटरफॉल स्थित वन विभाग के रेस्ट हाउस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। वीडियो में रेस्ट हाउस परिसर में शराबखोरी और बार बालाओं के कथित अश्लील नृत्य के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। हालांकि विभागीय सूत्रों का दावा है कि यह वीडियो करीब दो साल पुराना है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि वीडियो पुराना है तो इसे अब सामने कौन और क्यों लेकर आया।
वीडियो की समयावधि को लेकर भी कई तथ्य संदेह पैदा कर रहे हैं। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों ने किसी प्रकार के गर्म कपड़े नहीं पहन रखे हैं, जबकि नवंबर 2025 से कोरिया और सुरजपुर क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में मौजूदा मौसम के लिहाज से वीडियो हालिया नहीं होने की आशंका जताई जा रही है।
इसके बावजूद, मामले को लेकर वन विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विभागीय चुप्पी के कारण यह मामला और अधिक तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि वीडियो पुराना है तो उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई और यदि यह हालिया नहीं है तो इसके वायरल होने के पीछे की मंशा की भी जांच होनी चाहिए।
फिलहाल वीडियो की सत्यता, समय और इसके प्रसार के पीछे की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हैं, जिनका जवाब वन विभाग और प्रशासन की ओर से आना अभी बाकी है।
प्रधान संपादक

