पुलिस मामले की जांच में जुटी , श्रमिकों से पूछताछ के साथ ट्रैक के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच
बिलासपुर। एनटीपीसी सीपत की एमजीआर रेल लाइन पर बुधवार की देर रात ठेका श्रमिक की सिर कटी लाश मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान ग्राम देवरी निवासी सुरेश कुमार वस्त्रकार के रूप में हुई है, जो एनटीपीसी में ठेका श्रमिक के रूप में कार्यरत था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। वहीं, घटना के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए हंगामा भी किया।
एनटीपीसी सीपत के जनसंपर्क अधिकारी प्रवीण रंजन भारती ने बताया कि सुरेश वस्त्रकार बुधवार की रात अपने अन्य साथियों के साथ एमजीआर रेलवे ट्रैक के पास कार्य कर रहे थे। रात लगभग 11 बजे काम खत्म होने के बाद उनके साथी वहां से चले गए। बताया जा रहा है कि कुछ ही देर बाद ट्रैक पर सुरेश की सिर कटी लाश मिली, जिससे परिसर में सनसनी फैल गई। एनटीपीसी प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना सीपत पुलिस को दी और परिजनों को भी घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही गुरुवार की सुबह परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उनकी मौजूदगी में पंचनामा कार्यवाही की। इस दौरान परिजनों ने सुरेश की हत्या की आशंका जताते हुए जमकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि हादसे को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना था कि सुरेश का किसी से विवाद नहीं था, इसलिए आत्महत्या की आशंका संदिग्ध प्रतीत होती है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश दी और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन शांत हुए। पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
एनटीपीसी प्रबंधन के अनुसार, शव को देखने के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया कि मृत्यु का वास्तविक कारण पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही निर्धारित हो सकेगा।
एनटीपीसी सीपत के जनसंपर्क अधिकारी प्रवीण रंजन भारती ने बताया कि कंपनी ने घटना की सूचना समय पर पुलिस व संबंधित एजेंसियों को दे दी थी। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी घटना से जुड़े सभी तथ्यों के संबंध में पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग कर रही है। कंपनी की प्राथमिकता जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने में सहायता करना है।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है।फिलहाल, पुलिस घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों और साथ काम कर रहे श्रमिकों से पूछताछ कर रही है। साथ ही, ट्रैक के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
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