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January 26, 2026 10:15 pm

टेक्नोलॉजी का निर्धारण हुए लगभग दो महीने बीत गए पर अभी तक नाइट लैंडिंग के टेंडर का पता नहीं

दो माह पहले डी वी ओ आर लगाने की सहमति हो गई थी इसे लगाने में कम से कम 6 महीने लगेंगे
तब तक बिलासपुर में नाइट लैंडिंग का सपना दूर की कौड़ी

बिलासपुर २४ अगस्त हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने बिलासा बाई केवट एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग की सुविधा का काम लगातार पिछड़ने पर चिंता जाहिर की है। समिति ने कहा कि पहले लगभग 1 साल कौन सी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाए इस बहस में ही व्यर्थ कर दिया गया। और अब लगभग दो माह पहले जब स्थापित और अप्रूव्ड टेक्नोलॉजी लगाने की सहमति हो चुकी है तब इसके तहत डी वी ओ आर जैसे उपकरणों को लगाने का टेंडर भी अब तक राज्य शासन का विमानन विभाग जारी नहीं कर पाया है।
समिति ने कहा की एक बार टेंडर हो जाने के बाद 3 महीने तो टेंडर के द्वारा उपकरण खरीदने में लगेंगे और उसके बाद लगभग चार माह का समय उसे इंस्टॉल करने में लगने वाला है इसके बाद ही नाइट लैंडिंग लाइसेंस के लिए डीजीसीए का सर्वे हो पाएगा। अर्थात आज से अगर गिर जाए तो अगले जुलाई तक जाकर कहानी नाइट लैंडिंग सुविधा कि आप बनती है।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने इस देरी के पीछे इस बात की आशंका जाताई है कि कहानी नई टेक्नोलॉजी के उपयोग के समर्थन में बैठे लोग अपनी बात पूरी होते ना देख बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास के साथ सहयोग करने लगे हैं।

समिति ने इसके साथ ही जानकारी देते हुए बताया की लगभग डेढ़ करोड़ के विकास कार्य जिसका कि टेंडर हो चुका है और इसके तहत अराइवल हॉल का विस्तार और कन्वेयर बेल्ट आदि लगने वाले हैं उसका काम भी ठेकेदारों के चयन के बाद भी शुरू नहीं हो पाया है मिली हुई जानकारी के अनुसार ब्यूरो आफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी में बैठे हुए अधिकारी किसी महानगर के एयरपोर्ट के जैसे बिलासपुर एयरपोर्ट की हर सुरक्षा जांच को कर रहे हैं और इसके कारण ठेकेदार और उनके कर्मचारियों को वर्क परमिट मिलने पर भी आशंका के बादल छा गए हैं। समिति ने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट में केवल एक ही फ्लाइट आती है और पूरा दिन ऐसे में यहां काम तेजी से किया जा सकता है परंतु यदि यहां पर महानगरों के एयरपोर्ट की तरह है जहां हर 5 मिनट में उड़ने आती जाती है के सुरक्षा नॉर्म्स लगाकर काम करने की अपेक्षा की जाएगी तो बिना एयरपोर्ट को बंद किया काम करना संभव ही नहीं होगा महानगरों के एयरपोर्ट में एक हिस्से को पूरी तरह बंद करके काम किया जाता है। उतना बड़ा एयरपोर्ट ही या टर्मिनल बिल्डिंग ही बिलासपुर की नहीं है।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने विमानन मंत्री और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सहाय से बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास पर सीधी नजर रखने के लिए मांग की है और कहां है कि जब तक राज्य के मुखिया सीधी नजर नहीं रखेंगे तब तक एयरपोर्ट का विकास तेज गति से नहीं हो पाएगा।

हवाई सुविधा जन संघार समिति का महा धरना आज भी जारी रहा और आगमन के कम से सर्वश्री बद्री यादव राकेश शर्मा समीर अहमद दीपक कश्यप महेश दुबे टाटा रविंद्र सिंह ठाकुर डॉ प्रदीप राही प्रकाश बहरानी रमाशंकर बघेल चित्रकांत श्रीवास पप्पू केसरी ओम प्रकाश शर्मा शेख अल्फाज चंद्र प्रकाश जायसवाल संतोष पीपलवा नरेश यादव महेंद्र सिंह गुड्डू राशिद बक्श विजय वर्मा अनिल गुलहरे आनंद वर्मा अखिल अली और सुदीप श्रीवास्तव शामिल थे

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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