Explore

Search

November 3, 2026 2:31 pm

राज्योत्सव पर छत्तीसगढ़ को मिली दो नई जंगल सफारी की सौगात, इंद्रावती और अचानकमार में शुरू हुई सफारी सेवा

वन मंत्री केदार कश्यप ने किया वर्चुअल शुभारंभ, स्थानीय ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार, पर्यटकों के लिए बुकिंग शुरू

CBN36 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दो नई सफारी सेवाओं की शुरुआत की गई है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बीजापुर जिले के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पहली बार जंगल सफारी और मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व में केंवची गेट से बफर सफारी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक धर्मजीत सिंह भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

दोनों टाइगर रिजर्व में सफारी की बुकिंग शुरू हो गई है। इन नई सेवाओं से पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार और आजीविका के नए रास्ते खुलेंगे।

इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पहली बार शुरू हुई जंगल सफारी

लंबे समय तक नक्सलवाद और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पहली बार जंगल सफारी शुरू की गई है। इसका प्रवेश द्वार बीजापुर जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर उलूर गांव में बनाया गया है। पर्यटक बीजापुर से भोपालपटनम होते हुए उलूर पहुंच सकेंगे।

सफारी के लिए चार जिप्सी वाहनों की व्यवस्था की गई है। पर्यटकों को प्रशिक्षित गाइड के साथ चाय-नाश्ते की सुविधा भी मिलेगी। खास बात यह है कि सफारी के संचालन की जिम्मेदारी स्थानीय ग्रामीणों को सौंपी गई है। इसके लिए युवाओं को कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

सफारी शुरू होने से स्थानीय युवाओं को गाइड और वाहन चालक के रूप में रोजगार मिलेगा। वहीं होम-स्टे, पारंपरिक व्यंजन और हस्तशिल्प के जरिए ग्रामीण परिवारों तथा स्थानीय कारीगरों को भी आय के नए अवसर मिलेंगे। इंद्रावती टाइगर रिजर्व बाघ, राजकीय पशु वन भैंसा और गिद्ध सहित कई वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है।

अचानकमार में केंवची गेट से 50 किलोमीटर की बफर सफारी

मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व में केंवची गेट से पहली बार बफर सफारी शुरू की गई है। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही से अमरकंटक मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-45 स्थित इस गेट के खुलने से पर्यटकों को सफारी का एक नया विकल्प मिलेगा। इससे अमरकंटक-अचानकमार-रतनपुर पर्यटन सर्किट को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

914.017 वर्ग किलोमीटर में फैले अचानकमार टाइगर रिजर्व में 626.195 वर्ग किलोमीटर कोर और 287.822 वर्ग किलोमीटर बफर क्षेत्र शामिल है। केंवची गेट से लगभग 50 किलोमीटर लंबे सफारी मार्ग में भैरोसांगफाटर, सेमर वॉच टॉवर, कचांदी, जलांगो तिराहा, दरियाबूट पेट्रोलिंग कैंप और आमाडोब बैरियर प्रमुख स्थल हैं।

सफारी के लिए एक जिप्सी और तीन महारानी वाहन उपलब्ध रहेंगे। जिप्सी का किराया 3,500 रुपये और महारानी वाहन का किराया 5,000 रुपये प्रति राउंड निर्धारित किया गया है।

बाघ, तेंदुआ और भालू सहित कई वन्यजीवों को देखने का मिलेगा अवसर

अचानकमार टाइगर रिजर्व में पर्यटक बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर, चीतल और सांभर सहित विभिन्न वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अवसर पा सकेंगे। सिहावल सागर, माझी डोंगरी वॉच टॉवर और जल्दा ग्रासलैंड भी यहां के प्रमुख आकर्षण हैं।पर्यटकों के ठहरने के लिए केंवची गेट के पास पर्यटन विभाग का सोनभद्र रिसोर्ट और निजी रिसोर्ट उपलब्ध हैं।

पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

इंद्रावती और अचानकमार टाइगर रिजर्व में सफारी सेवाओं के विस्तार से छत्तीसगढ़ में वन्यजीव पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे होटल, होम-स्टे, परिवहन, गाइड सेवा, खानपान और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।नई सफारी सेवाओं का उद्देश्य केवल पर्यटन गतिविधियों का विस्तार करना नहीं, बल्कि वन संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों की आजीविका को मजबूत करना भी है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS