बिलासपुर के 9 और कोरबा के एक मामले में मिली सफलता, 17.5 लाख के आभूषण, नकदी व वाहन जब्त; चोरी की रकम से खरीदी थी क्रेटा और बुलेट
CBN36 बिलासपुर, 11 अक्टूबर 2026। बिलासपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में दिनदहाड़े सूने मकानों का ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थाना कोटा और एसीसीयू बिलासपुर की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों से बिलासपुर जिले के विभिन्न थानों के 9 और कोरबा जिले के थाना पाली के एक मामले सहित कुल 10 चोरी की वारदातों का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 6 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, 1.30 लाख रुपये नकद, गुल्लक के 1,250 रुपये के सिक्के तथा चोरी की रकम से खरीदी गई क्रेटा कार और दो मोटरसाइकिल जब्त की हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत करीब 17.81 लाख रुपये है।
खेती-किसानी के समय सूने मकानों को बनाते थे निशाना
एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से बिलासपुर जिले के ग्रामीण थाना क्षेत्रों में दिन के समय चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। आरोपी गांवों में घूमकर ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जिनमें ताला लगा होता था। जब ग्रामीण खेती-किसानी या अन्य काम से घर से बाहर चले जाते थे, तब आरोपी ताला तोड़कर भीतर घुसते और आलमारी व पेटी में रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा नकदी लेकर फरार हो जाते थे।
लगातार हो रही इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने मामलों का शीघ्र खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी इनपुट से मिला सुराग
निर्देश के बाद थाना कोटा और एसीसीयू बिलासपुर की संयुक्त टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, एसीसीयू के नोडल अधिकारी सीएसपी सुदीप सरकार और एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस ने कोटा, रतनपुर, बिल्हा, पचपेड़ी और बेलगहना चौकी क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं की जांच शुरू की।
पुलिस ने घटनास्थलों के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट और आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। जांच के दौरान तार जिला कोरबा के मानिकपुर क्षेत्र तक पहुंचे, जहां से तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया।
चोरी के पैसों से खरीदी क्रेटा कार और बुलेट

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विनोद कुमार वासुदेव ने चोरी की रकम से सफेद रंग की क्रेटा कार खरीदी थी और उसकी किस्तें भी उसी रकम से चुकाने की बात बताई। वहीं, आरोपी राज प्रजापति उर्फ लल्लू ने चोरी के पैसों से अपने चाचा के नाम पर बुलेट मोटरसाइकिल खरीदी थी और उसकी किस्तें भी चोरी की रकम से चुकाने की जानकारी दी। पुलिस ने अपराध से अर्जित संपत्ति पाए जाने पर क्रेटा कार और बुलेट मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया। इसके अलावा एक होंडा एसपी साइन मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
जांजगीर जिले में पहले से दर्ज हैं 19 मामले
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध जिला जांजगीर में पूर्व में 19 प्रकरण दर्ज हैं। वर्ष 2022-23 में दिन के समय चोरी की घटनाओं के मामलों में वे जेल में भी निरुद्ध रह चुके हैं। उन मामलों में प्रकरण विचाराधीन बताए गए हैं। पुलिस आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर आगे की जांच कर रही है। साथ ही, अपराध से अर्जित संपत्ति की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपियों में विनोद कुमार वासुदेव, पिता सुखीराम वासुदेव, उम्र 33 वर्ष। भूपेन्द्र सिंह राठौर उर्फ गुरुजी, पिता चित्रभान सिंह राठौर, उम्र 43 वर्ष।राज प्रजापति उर्फ लल्लू, पिता बलराम प्रजापति, उम्र 19 वर्ष शामिल है।तीनों आरोपी डिपरपारा, ग्राम मानिकपुर, चौकी मानिकपुर, थाना सिटी कोतवाली, जिला कोरबा के निवासी हैं।
पुलिस ने इन आरोपियों से सफेद रंग की क्रेटा कार- अनुमानित कीमत 10 लाख।बुलेट मोटरसाइकिल -अनुमानित कीमत 1.50 लाख।होंडा एसपी साइन मोटरसाइकिल -अनुमानित कीमत 1 लाख।सोने-चांदी के विभिन्न आभूषण -अनुमानित कीमत 6 लाख।गुल्लक के सिक्के -1,250।नकदी रकम -1.30 लाख।इस प्रकार जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत करीब 17.81 लाख बताई गई है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना कोटा के निरीक्षक शशिकांत भारद्वाज, थाना प्रभारी उप निरीक्षक दिलीप साहू, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव, प्रधान आरक्षक उमाशंकर राठौर, एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी, उप निरीक्षक कमलेश बंजारे, प्रधान आरक्षक राहुल सिंह तथा आरक्षक धीरेंद्र तोमर, महादेव कुजूर, भास्कर साहू, अविनाश कश्यप और समर बहादुर का सराहनीय योगदान रहा।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को चोरी के मामलों में गिरफ्तार कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है। आरोपियों की संपत्ति की भी जांच की जा रही है, ताकि अपराध से अर्जित अन्य संपत्तियों का पता लगाया जा सके।
प्रधान संपादक