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October 11, 2026 10:36 pm

मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने विकास की नई ऊंचाइयां छुईं, नक्सलमुक्त बस्तर से खुले प्रगति के रास्ते : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण करने पर पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव, पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती को मंजूरी

CBN36 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश के साथ छत्तीसगढ़ ने भी विकास, सुशासन, जनकल्याण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण करने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के प्रति समर्पित कर्मयात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव बताया।

शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री साय ने प्रेस वार्ता में कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता और मंत्रिपरिषद की ओर से प्रधानमंत्री के कर्मयोग, जनसेवा और दूरदर्शी नेतृत्व का अभिनंदन किया गया है। मंत्रिपरिषद ने अनुच्छेद 370 की समाप्ति, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण, जीएसटी व्यवस्था और नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई सहित राष्ट्रहित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की सराहना की। उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में आवास, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, खाद्यान्न और स्वच्छ ईंधन जैसी सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया।

25 वर्षों के नेतृत्व का छत्तीसगढ़ पर प्रभाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने सुशासन, तकनीक के उपयोग, जनसंवाद और परिणाम आधारित प्रशासन के जो प्रयोग किए, उनसे छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों को सीखने का अवसर मिला। पीएम गतिशक्ति के माध्यम से परियोजनाओं की योजना और निगरानी को तकनीक से जोड़ा गया है। प्रदेश के करीब 20 हजार गांवों में से लगभग 14 हजार गांवों का जियो-रेफरेंसिंग कार्य पूरा किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए राज्य में 450 से अधिक प्रशासनिक सुधार किए गए हैं। दो जनविश्वास अधिनियमों के माध्यम से 279 गैर-जरूरी प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और वन क्लिक सिंगल विंडो व्यवस्था से औद्योगिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

गरीब कल्याण योजनाओं से लाखों परिवारों को लाभ

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि इन योजनाओं से प्रदेश के लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूरे हो चुके हैं। पिछले पौने तीन वर्षों में 11.78 लाख आवासों का निर्माण किया गया है।

उन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत 39.73 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन मिले हैं। आयुष्मान भारत योजना में लगभग 2.49 करोड़ हितग्राहियों के कार्ड बनाए गए हैं और 51.17 लाख लोगों को करीब 11,877 करोड़ रुपये का निःशुल्क उपचार मिला है। वहीं, 70 वर्ष से अधिक आयु के 6.21 लाख वरिष्ठ नागरिकों को वय-वंदना कार्ड जारी किए गए हैं।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से प्रदेश के 73 लाख परिवारों के करीब 1.99 करोड़ हितग्राहियों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं ने जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा और आर्थिक संबल प्रदान किया है।

किसानों को मिला आर्थिक संबल, धान उपार्जन में नया कीर्तिमान

साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत छत्तीसगढ़ के 26.57 लाख किसानों को लाभ मिला है। प्रदेश में पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़कर 27.53 लाख हो गई है, जबकि धान उपार्जन 141 लाख मीट्रिक टन के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचा है। किसानों को समर्थन मूल्य के माध्यम से 33,431 करोड़ रुपये और बोनस के रूप में 10,292 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। एग्रीस्टैक के तहत 42 लाख फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी हैं। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और कृषि संबंधी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

महिलाओं और युवाओं के लिए बढ़े अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। प्रदेश में 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बिहान योजना के माध्यम से 32.39 लाख ग्रामीण परिवार 2.98 लाख स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेलो इंडिया के अंतर्गत आठ जिलों के लिए 48 करोड़ रुपये की सहायता तथा 33 मिनी खेल केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। बिलासपुर में हॉकी, आर्चरी और एथलेटिक्स के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को भी मंजूरी मिली है।

जनजातीय समाज के विकास और सम्मान पर जोर

साय ने कहा कि जनजातीय समाज के गौरव और योगदान को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की पहल महत्वपूर्ण रही है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रदेश के छह हजार से अधिक जनजातीय बहुल गांवों में विकास कार्य किए जा रहे हैं।

पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों तक आवास, सड़क और पेयजल जैसी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। प्रदेश के 26 जिलों में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं। लघु वनोपज के समर्थन मूल्य से छह लाख संग्राहकों को 500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। नवा रायपुर में डिजिटल जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय की स्थापना को भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

केंद्रीय करों में हिस्सेदारी बढ़ने से राज्य को लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी संघवाद की भावना के तहत केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत किए जाने से छत्तीसगढ़ को अधिक संसाधन प्राप्त हुए हैं। पिछले 12 वर्षों में राज्य को केंद्रीय करों के हिस्से के रूप में 3,46,806 करोड़ रुपये मिले, जबकि 2004 से 2014 के दशक में यह राशि 47,100 करोड़ रुपये थी।

डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन के माध्यम से प्रदेश को 17,887 करोड़ रुपये मिले हैं और 81 हजार से अधिक विकास कार्य किए गए हैं। जीएसटी व्यवस्था से कारोबार की प्रक्रियाएं सरल हुई हैं और राज्य को अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्राप्त हुई है।

सड़क, रेल और ऊर्जा परियोजनाओं से विकास को गति

साय ने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए 35,766 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव मार्ग और रायपुर-दुर्ग बायपास जैसी परियोजनाओं से आवागमन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। रेल क्षेत्र में लगभग 54 हजार करोड़ रुपये की नई रेल लाइन, दोहरीकरण, फ्लाईओवर और पुल परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1.16 लाख से अधिक घरों में सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, रेल, बिजली और मोबाइल नेटवर्क का विस्तार प्रदेश के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

नक्सलमुक्त बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षाबलों के साहस से 31 मार्च 2026 को प्रदेश को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली। उन्होंने इसे बस्तर के भविष्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

नक्सल उन्मूलन के लिए केंद्र से 2,080 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मिली है। आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। हिंसा के कारण लंबे समय से बंद 421 स्कूल फिर से खोले गए हैं। सड़क निर्माण, पुलों, स्वास्थ्य सुविधाओं और राशन की पहुंच बढ़ने से बस्तर में विकास की नई संभावनाएं खुली हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख

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मुख्यमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर, वन रैंक वन पेंशन और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद के सृजन को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 की समाप्ति और नई आपराधिक न्याय संहिताओं के लागू होने से शासन तथा न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।

उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के निर्माण को भारत की सांस्कृतिक विरासत और आस्था के सम्मान का प्रतीक बताया। छत्तीसगढ़ में श्रीरामलला दर्शन योजना के साथ पर्यटन, हस्तशिल्प और जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ का रोडमैप तैयार किया है। नक्सलमुक्त बस्तर, खनिज संपदा, ऊर्जा संसाधन, कृषि, महिला सशक्तीकरण, युवा शक्ति और समृद्ध जनजातीय संस्कृति प्रदेश की प्रमुख ताकत हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ समृद्ध, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।

पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती

मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता में मंत्रिपरिषद के दो महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व अग्निवीर सैनिकों के अनुभव और दक्षता का लाभ राज्य की सेवाओं में लेने के उद्देश्य से गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध भर्ती की अनुमति दी गई है। पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है।

दूसरे निर्णय में छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ किया जाएगा।

प्रेस वार्ता के समापन पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार सुशासन, जनकल्याण और विकास के संकल्प के साथ प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं अरुण साव भी मौजूद थे ।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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