गन्ना बोनस की गणना का आधार 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल किया गया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने किसानों को दी बधाई
CBN36 रायपुर, 11 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के गन्ना किसानों को बड़ी सौगात देते हुए गन्ना बोनस की गणना का आधार 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। राज्य सरकार के इस निर्णय से पेराई सत्र 2025-26 में प्रदेश के चार सहकारी शक्कर कारखानों को गन्ना आपूर्ति करने वाले 31,022 किसानों को लगभग 51.09 करोड़ रुपये का बोनस मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस निर्णय पर प्रदेश के गन्ना किसानों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि गन्ना बोनस में बढ़ोतरी से किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बोनस की बढ़ी हुई राशि से किसानों को खेती की लागत वहन करने तथा आगामी फसल की बेहतर तैयारी करने में मदद मिलेगी। यह निर्णय प्रदेश में गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहित करने के साथ सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करेगा।
एफआरपी के आधार पर मिलेगा 95.95 रुपये प्रति क्विंटल बोनस
पेराई सत्र 2025-26 के लिए बोनस की गणना में गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 329.05 रुपये प्रति क्विंटल को आधार बनाया गया है। नई व्यवस्था के तहत 425 रुपये में से एफआरपी की राशि घटाने पर किसानों को 95.95 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस मिलेगा।
चार सहकारी शक्कर कारखानों के किसानों को मिलेगा लाभ
सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के चार सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े किसानों को लाभ मिलेगा। इनमें भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा के 14,961 किसानों को लगभग 24.55 करोड़ रुपये तथा सरदार पटेल सहकारी शक्कर कारखाना, पंडरिया के 8,049 किसानों को लगभग 11.68 करोड़ रुपये का बोनस दिया जाएगा।
इसी तरह महामाया सहकारी शक्कर कारखाना, केरता के 7,250 किसानों को लगभग 11.35 करोड़ रुपये और दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना, बालोद के 762 किसानों को लगभग 3.52 करोड़ रुपये की बोनस राशि मिलेगी।
राज्य सरकार के इस निर्णय से हजारों गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी और आगामी खेती की तैयारियों में मदद मिलेगी।
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