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October 10, 2026 1:03 pm

पुलिसिंग में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, लंबित मामलों के जल्द निराकरण के निर्देश

आईजी रामगोपाल गर्ग ने बिलासपुर रेंज के पुलिस अधीक्षकों और राजपत्रित अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक, थानों की कार्यप्रणाली सुधारने पर दिया जोर

मालखानों की जांच, गंभीर अपराधों में मौके पर सुपरविजन और एनडीपीएस मामलों में नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश

CBN36 बिलासपुर। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज के पुलिस अधीक्षकों और राजपत्रित अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में थानों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के साथ लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया गया। आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिसिंग में अनुशासन, गुणवत्ता और त्वरित न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्देशों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के पालन की समीक्षा करते हुए आईजी गर्ग ने थाना निरीक्षण, मालखानों के रखरखाव, विवेचना की गुणवत्ता और अधिकारियों की जवाबदेही से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने एसडीओपी और सीएसपी को थानों का नियमित भौतिक निरीक्षण करने तथा मौके पर ही हस्तलिखित निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने को कहा। वार्षिक निरीक्षण के दौरान मालखानों में रखी जब्त सामग्री और केस प्रॉपर्टी का बारीकी से मिलान करने के निर्देश दिए गए, ताकि जब्त सामान के गायब होने या रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका को रोका जा सके। सभी राजपत्रित अधिकारियों को दैनिक डायरी नियमित रूप से संधारित करने के लिए भी कहा गया।

गंभीर अपराधों में मौके पर पहुंचकर करें सुपरविजन

आईजी ने गंभीर और सनसनीखेज अपराधों के साथ मर्ग जांच में भी अधिकारियों को केवल औपचारिकता निभाने के बजाय घटनास्थल पर पहुंचकर विवेचकों को मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए। मौके पर किए गए सुपरविजन का हस्तलिखित नोट तैयार कर केस डायरी में शामिल करने और उसे क्राइम रिव्यू एप्लीकेशन (सीआरए) पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया।

पीड़ितों से सम्मानजनक व्यवहार, वारंटियों की धरपकड़ पर जोर

थानों में शिकायत लेकर आने वाले नागरिकों और पीड़ितों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मिलने वाली शिकायतों की प्राथमिक और विभागीय जांच निष्पक्षता से करने तथा लंबित स्थायी वारंटों की शत-प्रतिशत तामीली के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

एनडीपीएस मामलों में नियमों का सख्ती से पालन

नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज (एनडीपीएस) से जुड़े मामलों में दोषमुक्ति की स्थिति रोकने के लिए आईजी ने कानूनी प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करने को कहा। तलाशी के दौरान एनडीपीएस अधिनियम की धारा 50 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कम से कम 25 से 50 प्रतिशत मामलों में एएनटीएफ प्रभारी या राजपत्रित अधिकारी को स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर पंचनामा और जब्ती की कार्रवाई अपनी निगरानी में कराने को कहा गया। वाहन मालिकों को आरोपी बनाने से पहले उनकी संलिप्तता के साक्ष्य जुटाने और वाहनों के विधिसम्मत राजसात की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

सड़क दुर्घटनाओं की जांच में सीसीटीवी फुटेज जरूरी

सड़क दुर्घटना के मामलों में ई-डीएआर पोर्टल पर घटनास्थल से ही तत्काल जानकारी दर्ज करने को कहा गया। फर्जी बीमा दावों और दुर्घटना के बाद चालक बदलने जैसी अनियमितताओं को रोकने के लिए वाहन चालक की टावर लोकेशन और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में जब्त करने के निर्देश दिए गए।

मर्ग में अपराध मिलने पर तत्काल एफआईआर

आईजी ने निर्देश दिया कि मर्ग जांच के दौरान अपराध घटित होना पाए जाने पर बिना देरी एफआईआर दर्ज की जाए। अस्पतालों और पुलिस चौकियों में दर्ज जीरो मर्ग की डायरी तत्काल संबंधित थानों को भेजी जाए। थाना प्रभारी स्वयं एफआईआर में लगाई गई धाराओं की समीक्षा करें और विशेषकर महिला संबंधी अपराधों में सही कानूनी धाराएं सुनिश्चित करते हुए एफआईआर पर अपने हस्ताक्षर करें।

जमानत पर छूटकर दोबारा अपराध करने वालों पर कार्रवाई

आदतन अपराधियों के जमानत पर बाहर आने के बाद दोबारा अपराध करने की स्थिति में उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए संबंधित न्यायालय में तत्काल आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही एसडीओपी और सीएसपी को विभागीय एवं प्राथमिक जांचों में स्वयं प्रार्थी और गवाहों के बयान दर्ज करने तथा लंबित जांचों का समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।

पुराने मामलों और हाई कोर्ट से जुड़े प्रकरणों पर बनेगा एक्शन प्लान

एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों और उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए अनुभागवार विशेष कार्ययोजना तैयार कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

आईजी रामगोपाल गर्ग ने सभी अधिकारियों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करने की हिदायत देते हुए कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में अनुशासन, गुणवत्ता, पारदर्शिता और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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