एसएसपी शशि मोहन सिंह ने किया सनसनीखेज वारदात का खुलासा, 99,100 नकद बरामद; बाइक, चाकू और मोबाइल जब्त
जकेला से अगवा कर पंडरीपानी के मकान में बनाया था बंधक, UPI पासवर्ड लेकर खाते से कराए ट्रांजेक्शन
CBN36 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में इवनिंग वॉक पर निकले डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर को अगवा कर लूटने के मामले में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता को सुनसान जगह पर घेरकर चाकू की नोक पर बंधक बनाया, मारपीट की और मोबाइल का पासवर्ड व UPI की जानकारी हासिल कर खाते से रकम ट्रांसफर कराई। इसके बाद उन्हें भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी स्थित एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया। परिजनों की सतर्कता से प्रोफेसर सकुशल मुक्त हो गए। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ₹99,100 नकद और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, चाकू व मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
सुनसान जगह पर घेरा, आंखों पर पट्टी बांधकर ले गए
पुलिस के अनुसार, ग्राम जकेला निवासी 47 वर्षीय प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता पांच अक्टूबर 2026 की शाम करीब छह से सात बजे के बीच गांव के डीपापारा और शोभा राइस मिल के पास टहल रहे थे। थकान होने पर वह सड़क किनारे डबरी के पास माइलस्टोन पर बैठकर आराम करने लगे। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और पकड़कर सुनसान जगह पर ले गए। आरोपियों ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और पेट, गर्दन व छाती पर चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद मारपीट कर मोबाइल फोन का पासवर्ड, Google Pay और BHIM UPI की जानकारी हासिल कर ली।
QR कोड से रकम ट्रांसफर कराई, फिर कमरे में रखा बंधक
आरोपियों ने प्रोफेसर के मोबाइल से डिजिटल भुगतान कराकर एक महिला के खाते में QR कोड के जरिए अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए। पुलिस की जांच में सामने आया कि खाते की उपलब्ध ट्रांजेक्शन लिमिट खत्म होने तक रकम निकालने की कोशिश की गई। आरोपियों ने प्रोफेसर को धमकाकर घर पर फोन भी करवाया, ताकि परिजनों को किसी अनहोनी का संदेह न हो। इसके बाद उन्हें मोटरसाइकिल से खरसिया क्षेत्र की ओर ले जाया गया और फिर ग्राम पंडरीपानी के एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया।
परिजनों को हुआ शक, तलाश करते हुए पहुंचे पंडरीपानी
फोन पर बातचीत के दौरान प्रोफेसर के परिजनों को संदेह हुआ। उन्होंने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और तलाश करते हुए ग्राम पंडरीपानी पहुंच गए। परिजनों और ग्रामीणों के आने की भनक लगते ही आरोपी प्रोफेसर को छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्रोफेसर को सकुशल मुक्त कराया। इसके बाद पुसौर थाने में अपराध क्रमांक 256/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 309(6), 142 और 351(3) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पहले 24 घंटे में एक आरोपी पकड़ाया, पूछताछ में खुली साजिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में पुलिस टीम गठित की गई। थाना प्रभारी हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुनील सारथी को घटना के 24 घंटे के भीतर सारंगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ और मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत, उसके छोटे भाई नरेंद्र महंत उर्फ नंदू महंत और दिनेश सारथी को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने प्रोफेसर को नौकरीपेशा और सीधे-सादे व्यक्ति के रूप में देखकर आसान निशाना समझा था। उन्हें लगा कि इस तरह परिवार से आसानी से रकम ऐंठी जा सकती है। पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर घटनाक्रम का रिक्रिएशन भी कराया।
तीन दिन पहले रची थी अपहरण और लूट की योजना
पुलिस जांच के अनुसार, वारदात से करीब तीन दिन पहले, तीन अक्टूबर को राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत और दिनेश सारथी, सुनील सारथी के छातामुड़ा स्थित घर पहुंचे थे। यहां तीनों ने मिलकर अपहरण कर रकम ऐंठने की योजना बनाई। पांच अक्टूबर की शाम आरोपी काले रंग की हीरो सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल से जकेला स्थित राइस मिल के पास पहुंचे। वहां प्रोफेसर को अकेले बैठे देखकर उन्होंने योजना के मुताबिक उन्हें घेर लिया।
इसके बाद चाकू की नोक पर धमकाकर मोबाइल और UPI की जानकारी हासिल की। आरोपियों ने प्रोफेसर को खरसिया क्षेत्र की ओर ले जाने के बाद पंडरीपानी में बंधक बनाकर रखा और उनके मोबाइल से रकम ट्रांसफर कराते रहे। परिजनों के पहुंचने से उनकी योजना विफल हो गई।
99,100 नकद बरामद, बाइक और चाकू भी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर कुल 99,100 नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत से एक मोबाइल, नरेंद्र उर्फ नंदू महंत से दो मोबाइल फोन, दिनेश सारथी से एक चाकू तथा उसकी निशानदेही पर ग्राम पंडरीपानी से वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, सुनील सारथी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही थी, जबकि राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत, दिनेश सारथी और नरेंद्र उर्फ नंदू महंत को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा था। पुलिस ने यह भी बताया कि राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पूर्व में हत्या के मामले में जेल जा चुका है।
एसएसपी बोले- गंभीर अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपहरण और लूट जैसे गंभीर अपराधों में रायगढ़ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। पुसौर पुलिस ने अथक प्रयास कर 48 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अपराध कर कानून से बच निकलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक रिकेन्द्र चंद्राकर, प्रधान आरक्षक चंद्रहास नायक, आरक्षक धनुर्जय चंद बेहरा, महेश चौहान, ठंडाराम गुप्ता, तारिक अनवर, महिला आरक्षक किशोरी चौहान और कंप्यूटर ऑपरेटर कैलाश गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गिरफ्तार आरोपी
- सुनील कुमार विशाल उर्फ सुनील सारथी, पिता बरतराम विशाल, उम्र 32 वर्ष, निवासी छातामुड़ा, वार्ड क्रमांक 41, थाना जूटमिल, जिला रायगढ़।
- राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत, पिता समय लाल महंत, उम्र 35 वर्ष, निवासी जकेला, थाना पुसौर, जिला रायगढ़।
- नरेंद्र महंत उर्फ नंदू महंत, पिता समय लाल महंत, उम्र 34 वर्ष, निवासी जकेला, थाना पुसौर, जिला रायगढ़।
- दिनेश सारथी, पिता पैतराम सारथी, उम्र 34 वर्ष, निवासी औरदा, थाना पुसौर, जिला रायगढ़।
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