“एसएसपी सिंह की मौजूदगी में सुधा बायो पावर के भट्ठी में चली कार्रवाई, सिरप से लेकर ब्राउन शुगर तक किया गया नष्ट”

“रजनेश सिंह ने कहा मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जब्त सामग्री का नियमानुसार नष्टीकरण इसी कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है, ताकि नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की संभावना पूरी तरह समाप्त की जा सके”
CBN36 बिलासपुर।नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई के साथ बिलासपुर पुलिस ने जब्त मादक पदार्थों के नष्टीकरण की प्रक्रिया भी पूरी की। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 61 प्रकरणों में जब्त गांजा समेत विभिन्न मादक एवं नशीली औषधियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया। यह कार्रवाई जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल समिति के अध्यक्ष एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक-सह-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह की उपस्थिति और निर्देशन में की गई।
पुलिस के अनुसार, 8 अक्टूबर को मोहतरा स्थित सुधा बायो पावर प्राइवेट लिमिटेड के भट्ठी (फर्नेस) में जब्त मादक पदार्थों का विधिवत विनष्टीकरण किया गया। इस दौरान निर्धारित प्रक्रिया के तहत पदार्थों को जलाने और रोलर के माध्यम से नष्ट करने की कार्रवाई पूरी की गई। इसका उद्देश्य जब्त नशीले पदार्थों के दोबारा अवैध इस्तेमाल या बाजार में पहुंचने की आशंका को समाप्त करना है।
गांजा, सिरप और नशीली दवाओं की बड़ी खेप नष्ट
नष्टीकरण की कार्रवाई में कुल 61 प्रकरणों में जब्त सामग्री का निपटान किया गया। इसमें 302.642 किलोग्राम गांजा, 1,989 नग सिरप, 2.9 ग्राम ब्राउन शुगर, 9,641 नग इंजेक्शन/एम्पुल, 9.38 ग्राम चरस, 248 कैप्सूल और 11,610 टैबलेट शामिल हैं।
समिति के सदस्यों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
पूरी प्रक्रिया जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल समिति के अध्यक्ष रजनेश सिंह के निर्देशन में संपन्न हुई। मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, सहायक आबकारी आयुक्त नवनीत तिवारी, क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी तथा पंच उपस्थित रहे। मादक पदार्थों का नष्टीकरण शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया।
नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस की कार्रवाई जारी
एसएसपी रजनेश सिंह का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जब्त सामग्री का नियमानुसार नष्टीकरण इसी कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है, ताकि नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की संभावना पूरी तरह समाप्त की जा सके।
प्रधान संपादक