
“एसएसपी बोले-जागरूकता को जन-अभियान बनाएंगे 49 दिन में 18 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश, राज्य के साइबर जागृति डैशबोर्ड में बिलासपुर की 50,270 गतिविधियां दर्ज”

राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय राज्यमंत्री भी बने अभियान का हिस्सा, रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ ‘साइबर जागृति’ का समापन”
CBN36 बिलासपुर। एक परिवार 17 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रहा और उसकी लाखों रुपये की जमा पूंजी साइबर ठगों ने उड़ा दी। साइबर अपराध के इस बदलते खतरे के बीच बिलासपुर पुलिस ने जागरूकता को हथियार बनाकर जिले में बड़ा अभियान चलाया। एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चले 49 दिवसीय साइबर जागृति महाअभियान में बिलासपुर को राज्य स्तर पर भी बड़ी उपलब्धि मिली है।
साइबर जागृति अभियान के आधिकारिक डैशबोर्ड के अनुसार बिलासपुर में 50,270 साइबर जागरूकता गतिविधियां दर्ज हुई हैं, जिसके साथ जिला राज्य में दूसरे स्थान पर है। डैशबोर्ड में कोंडागांव 59,718 गतिविधियों के साथ पहले, बिलासपुर 50,270 के साथ दूसरे, दुर्ग 49,638 के साथ तीसरे, गरियाबंद 47,028 के साथ चौथे और मुंगेली 34,515 गतिविधियों के साथ पांचवें स्थान पर दर्ज है।

यह आंकड़ा बताता है कि बिलासपुर पुलिस ने साइबर जागरूकता को महज कुछ कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए बड़े पैमाने पर अभियान के रूप में संचालित किया।
49 दिन, सात सप्ताह और हर वर्ग पर फोकस
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में अभियान का रंगारंग समापन हुआ। सात सप्ताह तक चले अभियान में विद्यार्थियों और युवाओं से लेकर बैंकिंग क्षेत्र, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, श्रमिकों, शासकीय कर्मचारियों और ग्रामीणों तक अलग-अलग वर्गों को अभियान से जोड़ा गया।
पहले सप्ताह में विद्यार्थी और युवा, दूसरे में बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थाएं, तीसरे में वरिष्ठ नागरिक, चौथे में महिलाएं एवं छात्राएं, पांचवें में असंगठित क्षेत्र के युवा और श्रमिक, छठे में शासकीय संस्थाएं तथा सातवें सप्ताह में ग्रामीण एवं अर्धसैनिक क्षेत्र के नागरिक अभियान के केंद्र में रहे।
जागरूकता के लिए अपनाए अनोखे तरीके
बिलासपुर पुलिस ने साइबर सुरक्षा के संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए साइबर संवाद, साइबर जुम्बा, साइबर रक्षा सूत्र, नुक्कड़ नाटक, साइबर प्रश्नोत्तरी, नृत्य-संगीत, खेल गतिविधियां, रेडियो प्रसारण, ग्राम चौपाल और साइबर सुरक्षित सुप्रभात जैसे नवाचार किए।

रक्षाबंधन पर चलाए गए ‘साइबर जागृति रक्षा सूत्र’ अभियान के जरिए करीब 2.70 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। रेडियो प्रसारण के माध्यम से करीब छह लाख लोगों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने का दावा पुलिस ने किया है।
डिजिटल अरेस्ट से डीपफेक तक समझाया साइबर ठगी का पूरा खेल
समापन कार्यक्रम में एसएसपी रजनेश सिंह ने साइबर अपराध के बदलते तौर-तरीकों को लेकर लोगों को सतर्क किया। उन्होंने बताया कि किस तरह एक परिवार करीब 17 दिन तक डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसा रहा और लाखों रुपये की जमा पूंजी गंवा बैठा।
उन्होंने ऑनलाइन ठगी, यूपीआई और क्यूआर कोड फ्रॉड, फिशिंग, विशिंग, स्मिशिंग, ओटीपी और केवाईसी फ्रॉड, बैंक एवं कार्ड फ्रॉड, सिम स्वैप, पहचान चोरी, सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी प्रोफाइल, साइबर बुलिंग, सेक्सटॉर्शन, मॉर्फ्ड फोटो-वीडियो और डीपफेक जैसे अपराधों से बचने के तरीके बताए।
मटका फोड़ा, आकाशदीप जलाए
पुलिस ने जागरूकता को रोचक और जनभागीदारी वाला बनाने के लिए पुलिस ग्राउंड में ‘साइबर फ्रॉड मटका फोड़’ कार्यक्रम आयोजित किया। इसके साथ एक हजार आकाशदीप जलाकर साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया गया।
खेलों के माध्यम से भी साइबर सुरक्षा का संदेश दिया गया। हॉकी, एथलेटिक्स, स्केटिंग, ताइक्वांडो और कराटे जैसी गतिविधियों में खिलाड़ियों और युवाओं को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी गई।
राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने भी दिया संदेश
अभियान के दौरान बिलासपुर पहुंचे राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू भी साइबर जागृति अभियान से जुड़े। उन्होंने नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया।
नौ साल के स्वास्तिक ने पुलिस को भी किया प्रभावित
डेली रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान डीपीएस स्कूल के नौ वर्षीय स्वास्तिक झा ने साइबर अपराध के विभिन्न प्रकार और उनसे बचाव के तरीकों की जानकारी साझा की। उसकी जागरूकता से प्रभावित होकर एसएसपी रजनेश सिंह ने उसे प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
1930 पर करें तत्काल शिकायत
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। ओटीपी, यूपीआई पिन और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। ठगी होने पर समय गंवाए बिना तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं और पुलिस को सूचना दें।

समापन समारोह में कलेक्टर संजय अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, एएसपी शहर पंकज पटेल, एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह, सीएसपी सिविल लाइन परमेश्वर तिलकवार, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, पत्रकार और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
एसएसपी बोले-जागरूकता को जन-अभियान बनाएंगे
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि साइबर अपराध लगातार नए रूप में सामने आ रहा है। ऐसे में नागरिकों की जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। बिलासपुर पुलिस साइबर जागरूकता को केवल एक अभियान तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे निरंतर जन-अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। राज्य के साइबर जागृति डैशबोर्ड में 50,270 गतिविधियों के साथ दूसरे स्थान पर बिलासपुर की मौजूदगी इस अभियान की व्यापकता को रेखांकित करती है।
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