Explore

Search

October 2, 2026 8:08 pm

बैगा समाज की दो बेटियां कुपोषण और बीमारी से जूझ रहीं, विधायक ने उठाए सवाल

कहा- योजनाओं की भरमार के बावजूद अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच रहा लाभ, कलेक्टर को पत्र लिखकर तत्काल इलाज की मांग

CBN36 कोटा। विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समाज की दो बेटियों के अत्यधिक कुपोषित और बीमार होने का मामला सामने आने के बाद कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बिलासपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर दोनों बालिकाओं के तत्काल उपचार, पोषण, दवाइयों और आवश्यक शासकीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

विधायक के अनुसार विकासखंड कोटा के ग्राम उमरिया के चुनाखोदरा निवासी अनीता (18), पिता संतराम और सरिता (13), पिता गंगा राम अत्यधिक कुपोषित और बीमार हैं। दोनों बैगा समुदाय से संबंधित हैं। विधायक ने कहा कि बैगा समाज को विशेष पिछड़ी जनजाति के रूप में संरक्षण और योजनाओं का लाभ देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद परिवार कुपोषण, बीमारी, गरीबी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं।

योजनाओं की भरमार, फिर बेटियां कुपोषित क्यों?

अटल श्रीवास्तव ने कहा कि पीएम-जनमन मिशन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, आयुष्मान भारत और मोबाइल मेडिकल यूनिट जैसी योजनाएं संचालित होने के बावजूद यदि बैगा समाज की बेटियां गंभीर कुपोषण और बीमारी की स्थिति में हैं, तो योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि केवल योजनाएं बनाने और आंकड़े जारी करने से समाज का कल्याण नहीं होगा। योजनाओं का लाभ अंतिम परिवार तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

बैगा गांवों में विशेष स्वास्थ्य-पोषण सर्वे की मांग

विधायक ने दोनों बालिकाओं की तत्काल चिकित्सकीय जांच कराकर समुचित उपचार कराने के साथ पौष्टिक आहार और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कोटा विधानसभा क्षेत्र के बैगा एवं अन्य विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य गांवों में विशेष स्वास्थ्य एवं पोषण सर्वे कराने की भी मांग की है। इसके तहत गंभीर रूप से बीमार और कुपोषित लोगों का चिन्हांकन कर पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही है।

जिम्मेदारी तय करने की मांग

अटल श्रीवास्तव ने कहा कि बैगा समाज की बेटियां यदि आज भी कुपोषण और बीमारी से जूझ रही हैं, तो यह केवल एक परिवार की समस्या नहीं, बल्कि व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। सरकार और प्रशासन को बैगा बस्तियों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य, पोषण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS