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October 2, 2026 5:31 pm

जेल में गांधी के विचारों की गूंज, पढ़ाई और हुनर से भविष्य संवार रहे बंदी

केंद्रीय जेल में विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से कार्यक्रम, शिक्षा व कौशल प्रशिक्षण पूरा करने वाले बंदियों को मिले प्रमाणपत्र

CBN36 बिलासपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर केंद्रीय जेल बिलासपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिराजुद्दीन कुरैशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने बंदियों को जेल में बिताए समय का उपयोग आत्मसुधार, शिक्षा और कौशल विकास के लिए करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ भजन की धुन के बीच दीप प्रज्ज्वलन और महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। केंद्रीय जेल के बंदियों ने ‘ऐ मालिक तेरे बंदे हम’ और ‘रघुपति राघव राजाराम’ भजन प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि ने बंदियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें भावपूर्ण और प्रभावशाली बताया।

कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक बदलाव की सीख

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिराजुद्दीन कुरैशी ने कहा कि जेल का जीवन कठिन परिस्थितियों से भरा हो सकता है, लेकिन यहां बिताए समय को निराशा में गंवाने के बजाय स्वयं में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने बंदियों से जेल में उपलब्ध शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसरों का लाभ उठाने, नई चीजें सीखने, व्यक्तित्व में सुधार करने तथा अनुशासन और अच्छे आचरण के साथ समय बिताने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा और सकारात्मक विचारों के माध्यम से परिवर्तन की प्रेरणा देता है। बंदियों को भी अपने वर्तमान समय का सदुपयोग करते हुए बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, ताकि रिहाई के बाद वे समाज की मुख्यधारा में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।

सत्य, अहिंसा और नशामुक्ति का दिया संदेश

कार्यक्रम में महात्मा गांधी के जीवन, विचारों और आदर्शों को याद करते हुए सत्य, अहिंसा, प्रेम, मानवता, स्वच्छता, सद्भाव, नशामुक्ति और सेवा जैसे मूल्यों पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने इन मूल्यों को वर्तमान जीवन में अपनाने की आवश्यकता बताई।

पढ़ाई और कौशल सीखने वाले बंदियों को प्रमाणपत्र

इस अवसर पर केंद्रीय जेल में निरुद्ध रहते हुए कक्षा 10वीं, 12वीं और स्नातक परीक्षाएं उत्तीर्ण करने वाले बंदियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बंदियों को भी प्रमाणपत्र दिए गए। इससे बंदियों को शिक्षा और रोजगारपरक कौशल के माध्यम से भविष्य संवारने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट असलम खान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल चौहान, जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, न्यायिक अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता एवं स्टाफ तथा जेल स्टाफ मौजूद रहा।

बंदियों को दिलाई गांधी के आदर्शों पर चलने की शपथ

कार्यक्रम के समापन पर जेल अधीक्षक ने बंदियों को महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलने की शपथ दिलाई। इस दौरान केंद्रीय जेल बिलासपुर में निरुद्ध दंडित बंदियों को नियमानुसार 10-10 दिन के अतिरिक्त परिहार (रेमिशन) का लाभ दिए जाने की घोषणा भी की गई।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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