“कमीशन का लालच… खाते खुलवाए, साइबर ठगों को सौंप दिए,बिलासपुर रेंज साइबर पुलिस ने गिरोह के छह सदस्यों को दबोचा, 50 शिकायतों में करीब चार करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा”
CBN36 बिलासपुर। साइबर ठगों तक पहुंचने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह का बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेन-देन करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ देश के कई राज्यों से 50 साइबर अपराध संबंधी शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों में करीब चार करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई है।
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि एक बैंक खाते में महज 25 दिनों में 2.20 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन हुआ। पुलिस अब इस रकम के स्रोत, गंतव्य और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
कमीशन के लालच में खुलवाते थे खाते
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य लोगों को कमीशन का लालच देकर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, नेट बैंकिंग और अन्य बैंकिंग साधन साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा दिए जाते थे। साइबर ठगी से प्राप्त रकम इन खातों में मंगाकर आगे दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी।
इसी तरह के खातों को म्यूल बैंक अकाउंट कहा जाता है। पुलिस के अनुसार, गिरोह में प्रत्येक व्यक्ति की अलग-अलग भूमिका थी। कोई खाता खुलवाता था, कोई खाताधारक को जोड़ता था तो कोई खाते में एप्लीकेशन डाउनलोड कर उसे साइबर अपराध के लिए इस्तेमाल करता था।
एक खाते में 25 दिन में 2.20 करोड़ का ट्रांजेक्शन
छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की मंगला शाखा में संचालित अजय फार्म हाउस नामक खाते में संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि 18 मई से 12 जून 2026 के बीच इस खाते में कुल 2,20,68,443 रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ।
बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी दस्तावेज, अकाउंट ओपनिंग फॉर्म, मोबाइल नंबर और तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस छह आरोपियों तक पहुंची।
इन छह आरोपियों की भूमिका सामने आई
- अजय कुमार सोनी ने अजय फार्म हाउस के नाम से बैंक खाता खुलवाया और खाते को दूसरे लोगों को उपलब्ध कराया। उसके खाते में 2.20 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन मिला।
- अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू ने बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए अजय से संपर्क कराया और इसके बदले कमीशन लेने की भूमिका सामने आई।
- भास्कर कश्यप ने अपना बैंक खाता साइबर अपराध से जुड़े लेन-देन के लिए उपलब्ध कराया। उसके खाते के खिलाफ कई राज्यों में शिकायतें मिलीं।
- नरेन्द्र कुर्रे खाताधारकों और बैंक खाते की जरूरत रखने वाले लोगों के बीच संपर्क कराने तथा कमीशन तय करने का काम करता था।
- आशीष तिवारी ने बैंक खाता खुलवाकर ऑनलाइन फ्रॉड के लिए उपलब्ध कराया। उसे 25 हजार रुपये कमीशन मिलने की जानकारी सामने आई।
- देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन खातों में आवश्यक एप्लीकेशन डाउनलोड कर उन्हें ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़ी गतिविधियों में इस्तेमाल करने में शामिल था।
कई राज्यों में दर्ज मिलीं शिकायतें
पुलिस के मुताबिक अजय कुमार सोनी के खाते के खिलाफ 21, भास्कर कश्यप के खाते के खिलाफ 24, नरेन्द्र कुर्रे के खाते के संबंध में दो और आशीष तिवारी के खाते के संबंध में तीन शिकायतें मिली हैं। इनका संबंध महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक, राजस्थान, झारखंड, बिहार, दिल्ली, गुजरात, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों से है।
कुल 50 शिकायतों में करीब चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेज जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग सामग्री जब्त की है। मोबाइल, टेलीग्राम, व्हाट्सऐप और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।
क्या है म्यूल बैंक अकाउंट?
साइबर ठगी की रकम के लिए इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है। साइबर अपराधी सीधे अपने नाम से खाता इस्तेमाल करने के बजाय कमीशन देकर दूसरे लोगों के बैंक खाते लेते हैं। ठगी की रकम इन खातों में जमा कराई जाती है और फिर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है। ऐसे मामलों में खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकता है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के बीच संपर्क, बैंक खातों के लेन-देन और मोबाइल से मिले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और उनके बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।
उक्त कार्रवाई आईजी रामगोपाल गर्ग, एसपी रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी गगन कुमार के निर्देशन में रेंज साइबर थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा, कामिल हक समेत साइबर थाना स्टाफ ने की।
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