
जशपुर पुलिस का साइबर जागृति अभियान जारी, किनकेल में ग्रामीणों को डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के तरीके बताए
CBN36 जशपुर। साइबर ठगों के नए-नए तरीकों के बीच जशपुर पुलिस ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सीख दी। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में चल रहे साइबर जागृति अभियान के तहत शुक्रवार को ग्राम किनकेल में साइबर अपराध और यातायात नियमों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यातायात पुलिस और सिटी कोतवाली की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए और दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट का महत्व समझाया।
पुलिस ने ग्रामीणों को बताया कि साइबर ठग कभी पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर फोन करते हैं तो कभी डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पैसे ऐंठते हैं। ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड, बैंक खाते और आधार की जानकारी मांगना, फर्जी लिंक भेजना और नकली कस्टमर केयर नंबर के जरिए ठगी करना भी साइबर अपराधियों के आम तरीके हैं।
वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी का दावा हो तो समझें ठगी

कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट को लेकर विशेष रूप से जागरूक किया गया। पुलिस ने कहा कि कोई वास्तविक पुलिस अधिकारी या जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करती और न ही ऑनलाइन निगरानी के नाम पर पैसे जमा कराने के लिए दबाव बनाती है। ऐसी स्थिति में डरने के बजाय तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
हेलमेट पहनाकर बताया-जान है तो जहान है
साइबर जागरूकता के साथ पुलिस ने ग्रामीणों को यातायात नियमों का पालन करने की भी समझाइश दी। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, तेज रफ्तार से वाहन नहीं चलाने और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील की गई। पुलिस टीम ने ग्रामीणों को हेलमेट पहनाकर उसकी उपयोगिता समझाई और हेलमेट का वितरण भी किया।
पुलिस ने कहा कि हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं, जिंदगी बचाने के लिए है। दुर्घटना के दौरान सिर में गंभीर चोट से बचाव में हेलमेट महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चालक के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनने की सलाह दी गई।
ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
जशपुर पुलिस ने लोगों से अपील की कि अनजान कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया संदेशों पर तत्काल भरोसा न करें। किसी को भी ओटीपी, पिन, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी न दें। साइबर ठगी का शिकार होने पर समय गंवाए बिना 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई की जा सके।कार्यक्रम में डीएसपी ट्रैफिक केआर चौहान, ट्रैफिक प्रभारी खोमराज ठाकुर सहित सिटी कोतवाली और यातायात शाखा के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रधान संपादक




