पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का प्रावधान नहीं, 795 के बजाय 608 अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए चिन्हित
CBN36। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा-2025 को लेकर अभ्यर्थियों के बीच सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक जानकारियों और पुनर्मूल्यांकन की मांग को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित नियमों और निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ संचालित की जा रही है।
आयोग के अनुसार, राज्य सेवा परीक्षा-2025 के लिखित प्रश्न-पत्रों में अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 23 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इसी कारण 795 अभ्यर्थियों के स्थान पर 608 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हित किया गया है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रक्रिया के नियमों में पुनर्मूल्यांकन अथवा पुनर्गणना का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए प्रश्न-पत्रों के पुनर्मूल्यांकन या पुनर्गणना की मांग पर ऐसी कोई प्रक्रिया अपनाई जाना संभव नहीं है।
चयन परिणाम जारी होने के बाद प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा के प्राप्तांकों की मेरिट सूची और कटऑफ आयोग की वेबसाइट पर जारी की जाती है। अभ्यर्थी निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी ओएमआर शीट तथा प्रश्न-सह उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त कर सकते हैं।
आयोग ने बताया कि लिखित परीक्षाओं का मूल्यांकन विषय-विशेषज्ञों के माध्यम से गोपनीयता और निष्पक्षता के साथ कराया जाता है। मूल्यांकन की प्रक्रिया इस प्रकार रखी गई है कि मूल्यांकनकर्ता को उत्तर पुस्तिका से संबंधित अभ्यर्थी की पहचान की जानकारी न हो।
आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक जानकारियों से प्रभावित न हों और आयोग की निर्धारित प्रक्रिया, नियमों एवं निर्देशों पर विश्वास रखें।
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