
“अचानक तेज हुआ नदी का बहाव, एक-एक कर तीनों बच्चे बहे; तखतपुर में दर्दनाक हादसा: 7 से 9 साल की उम्र के तीन बच्चों की मौत, सुबह छह बजे से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, घंटों की मशक्कत के बाद एक-एक कर बरामद हुए तीनों शव”
CBN36 बिलासपुर। तखतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत समडील में रविवार को घोंघा नदी का अचानक आया तेज बहाव तीन परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द दे गया। स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रहे तीन मासूम नदी पार कर रहे थे। नदी में पानी ज्यादा नहीं था, लेकिन अचानक तेज बहाव आया और तीनों बच्चे उसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते तीनों नदी में बह गए।
हादसे की खबर मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों के साथ पुलिस ने तत्काल बच्चों की तलाश शुरू की। बाद में एसडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला। सुबह करीब छह बजे शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन कई घंटे तक चला। काफी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए।
मृतकों की पहचान 7 वर्षीय अनमोल जायसवाल, 9 वर्षीय स्तुति जायसवाल और 8 वर्षीय शिक्षा जायसवाल के रूप में हुई है। तीनों समडील गांव के रहने वाले थे।
नदी में पानी कम था, अचानक आया तेज बहाव

बताया जा रहा है कि स्कूल की छुट्टी के बाद तीनों बच्चे घोंघा नदी पार कर अपने घर लौट रहे थे। उस समय नदी में पानी ज्यादा नहीं था। इसी दौरान अचानक तेज बहाव आया और तीनों बच्चे उसकी चपेट में आ गए। कुछ ही पलों में वे नदी में बह गए।
बच्चों के नदी में बहने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। आसपास के इलाके में तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया।
सुबह छह बजे से रेस्क्यू, एक-एक कर मिले तीनों शव

एसडीआरएफ की टीम ने सुबह करीब छह बजे से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। लगातार तलाश के बाद सबसे पहले 7 वर्षीय अनमोल जायसवाल का शव पुल के नीचे नदी में थोड़ी दूरी पर बरामद हुआ।
इसके बाद टीम ने सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया। काफी तलाश के बाद 9 वर्षीय स्तुति जायसवाल का शव एनीकट के पास मिला। तीसरे बच्चे 8 वर्षीय शिक्षा जायसवाल की तलाश जारी रही। बाद में उसका शव भी बरामद कर लिया गया।
तीनों बच्चों के शव मिलने की खबर जैसे ही परिजनों तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। जिन परिवारों को बच्चों के सकुशल लौटने का इंतजार था, वहां मातम पसर गया।
तीन बच्चों की मौत से समडील गांव में मातम
घटना ने पूरे समडील गांव को झकझोर दिया है। तीन परिवारों के घरों में एक साथ मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण भी इस हृदयविदारक हादसे से सदमे में हैं।
मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौजूद रही। डॉक्टरों की टीम ने आवश्यक कार्रवाई की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया की गई।
बरसात में नदी-नालों को पार करना बना जानलेवा चुनौती

तीन मासूमों की मौत ने बरसात के मौसम में नदी-नालों को पार करने वाले ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामान्य नजर आने वाला पानी अचानक तेज बहाव में बदल जाए तो कुछ ही सेकंड में स्थिति जानलेवा हो सकती है।
समडील की इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित आवागमन की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। खासकर स्कूल से आने-जाने वाले बच्चों के लिए बारिश के मौसम में नदी-नालों और एनीकट के आसपास सुरक्षा के इंतजाम बेहद अहम हो जाते हैं।
समडील में अब स्कूल से लौटते बच्चों की चहल-पहल के बीच तीन परिवारों का इंतजार हमेशा के लिए थम गया है। घोंघा नदी तीन मासूमों को अपने साथ बहा ले गई और पीछे छोड़ गई तीन परिवारों का कभी न भरने वाला दुख।
प्रधान संपादक




