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August 22, 2026 8:45 pm

बालिकाओं की शिक्षा, नवाचार और नशामुक्ति पर जोर, अमर अग्रवाल ने छात्राओं से किया संवाद

इंस्पायर अवार्ड में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित बिल्हा की दो छात्राओं का सम्मान

CBN36 बिलासपुर। नगर विधायक अमर अग्रवाल ने शनिवार को शहर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर विद्यार्थियों और नागरिकों से संवाद किया। दयालबंद स्थित स्वामी आत्मानंद महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने छात्राओं को शिक्षा, नवाचार और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया। इसके बाद टिकरापारा स्थित गुजराती समाज भवन में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में शामिल होकर नागरिकों को संबोधित किया।

बेटी बचाओ अभियान से बदली समाज की सोच

महारानी लक्ष्मीबाई कन्या शाला में छात्राओं ने अमर अग्रवाल से संवाद किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता और गुरुजनों से मिलने वाली प्रेरणा जीवन में सफलता का मूल मंत्र है। मार्गदर्शन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति से विद्यार्थी किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ अभियान से समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। आज बालिकाएं हर क्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। बालिकाओं की सुरक्षा और शिक्षा के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

अग्रवाल ने कहा कि बिलासपुर की जनता से मिला प्रेम, स्नेह और आशीर्वाद उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवनभर सीखते रहने और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

छात्र कैबिनेट को दिलाई शपथ, नशामुक्ति का लिया संकल्प

कार्यक्रम के दौरान अमर अग्रवाल ने विद्यालय की छात्र कैबिनेट को शपथ दिलाई। उन्होंने छात्राओं को विद्यालय के रखरखाव और संचालन में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्ति का संकल्प भी लिया।

राष्ट्रीय स्तर पर चयनित दो छात्राओं का सम्मान

इंस्पायर अवार्ड मानक प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित बिल्हा विकासखंड की दो छात्राओं कुमारी रेणुका धनुआर और कुमारी तृषा कमलेश का सम्मान अमर अग्रवाल ने किया। विकासखंड शिक्षा विभाग की ओर से दोनों छात्राओं को पांच-पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और मोमेंटो प्रदान किया गया।

सत्र 2024-25 में छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए चयनित 20 विद्यार्थियों में बिल्हा विकासखंड की ये दोनों छात्राएं शामिल हैं।

थूकने का पता लगाकर अलार्म बजाएगा रेणुका का मॉडल

देवरी खुर्द की छात्रा रेणुका धनुआर ने ‘वॉल माउंट स्पिट डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम’ मॉडल तैयार किया है। यह मॉडल सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की स्थिति का पता लगाकर अलार्म के जरिए लोगों को सचेत करता है। स्वच्छता अभियान में इसका उपयोग किया जा सकता है।

बारिश होते ही छाता खोलेगा तृषा का स्मार्ट बैग

बिजौर की छात्रा तृषा कमलेश ने ‘वेदर गार्ड स्मार्ट बैग’ तैयार किया है। सेंसर आधारित इस बैग में नमी या बारिश का संकेत मिलते ही इससे जुड़ा छाता स्वतः खुल जाता है। इससे बारिश के दौरान किताबों और अन्य सामग्री को सुरक्षित रखा जा सकता है।

दोनों छात्राएं 4 सितंबर को रायपुर में होने वाले राज्य स्तरीय मेंटरशिप प्रशिक्षण में अपने मॉडल प्रस्तुत करेंगी। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में इनके मॉडलों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए और बेहतर बनाया जाएगा।

15 सितंबर तक इंस्पायर अवार्ड के लिए पंजीयन

इंस्पायर अवार्ड मानक भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की पहल है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान, नवाचार और शोध के प्रति रुचि विकसित करना है। सत्र 2026-27 के लिए पंजीयन शुरू हो चुका है। इसकी अंतिम तिथि 15 सितंबर है। कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यालयों से पांच विद्यार्थियों के नवाचारी विचारों का ऑनलाइन पंजीयन किया जाना है।

विद्यालय परिवार की ओर से होम एग्जाम में सर्वाधिक अंक हासिल करने वाली बालिकाओं को भी पुरस्कृत किया गया।

साइकिल मिलने से छात्राओं की राह हुई आसान

महारानी लक्ष्मीबाई कन्या शाला की छात्राओं को साइकिल वितरित करते हुए अमर अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने बालिकाओं को विद्यालय आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरस्वती साइकिल वितरण योजना शुरू की। इस योजना से छात्राओं की स्कूल में उपस्थिति बढ़ी और ड्रॉपआउट दर में कमी आई है।

उन्होंने बताया कि कक्षा 9वीं में अध्ययनरत बालिकाओं के लिए वर्ष 2004 से यह योजना संचालित है। इसका उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं की विद्यालय तक पहुंच आसान बनाना और उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखना है।

बेटा-बेटी दोनों पढ़ेंगे तभी परिवार होगा सुरक्षित

अग्रवाल ने कहा कि बेटा और बेटी दोनों पढ़ेंगे, तभी परिवार शिक्षित और सशक्त बनेगा। शिक्षित बालिकाएं आगे चलकर समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन का आधार है।

नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें लैंगिक असमानता समाप्त करने और बालक-बालिका दोनों को शिक्षा एवं विकास के समान अवसर देने पर विशेष जोर दिया गया है। समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही समावेशी एवं विकसित समाज का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष दीपक सिंह, पार्षद बंधु मौर्य, रंगा नादम, एल्डरमैन योगेश बोले, शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षकगण, शाला विकास समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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