“मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री से लगाई मदद की आस, कहा-दिल्ली के ESIC अस्पताल में करा दीजिए इलाज,मुख्यमंत्री से मिलने की कई बार कोशिश नाकाम “
CBN36,धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के ग्राम देवपुर निवासी शशिकांत भरत पिछले करीब 10 वर्षों से गंभीर बीमारी के कारण बिस्तर पर जिंदगी जीने को मजबूर हैं। शरीर के लकवाग्रस्त होने के बाद लगातार इलाज और देखभाल की जरूरत के बीच शशिकांत ने अब प्रदेश सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
शशिकांत का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा है कि उनका इलाज ESIC अस्पताल, वसंत कुंज, दिल्ली (गफ्फार खान मार्ग) में कराया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से विशेष रूप से मदद की अपील की है।
2016 में हुए हादसे के बाद बदली जिंदगी
शशिकांत के अनुसार वह धमतरी के भटगांव ITI में कंप्यूटर प्रशिक्षण की पढ़ाई कर रहे थे। 11 नवंबर 2016 को जेठोनी त्योहार की छुट्टी होने पर वह अपने गांव देवपुर लौट रहे थे। रास्ते में दुकली (गचकन्हार) गांव के पास उनके साथ एक गंभीर घटना हुई, जिसके बाद उनका पूरा शरीर लकवाग्रस्त हो गया।
डॉक्टरों के अनुसार उन्हें सर्वाइकल इंजरी की समस्या है। हादसे के बाद से शशिकांत की जिंदगी बिस्तर तक सीमित हो गई है।
माता-पिता का इकलौता बेटा, अब उन्हीं पर निर्भर
शशिकांत बताते हैं कि वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे हैं और वर्तमान में पूरी तरह अपने माता-पिता पर निर्भर हैं। लंबे समय से बीमारी और दर्द के कारण उनका जीवन बेहद कठिन हो गया है।
उनका कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे लंबे समय तक बड़े अस्पताल में महंगा इलाज करा सकें। इसी वजह से उन्होंने सरकार से सरकारी स्तर पर इलाज की व्यवस्था कराने की अपील की है।
मुख्यमंत्री से मिलने की कई बार कोशिश
शशिकांत के मुताबिक उन्होंने अपनी समस्या मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए कई बार प्रयास किया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए वे कई बार मुख्यमंत्री निवास भी गए, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
उन्होंने बताया कि धमतरी में सुशासन त्योहार के दौरान भी मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास किया था। इसके अलावा मुख्यमंत्री निवास जाकर भी उन्होंने अपनी समस्या बताने की कोशिश की।
भूपेश बघेल से भी रख चुके हैं अपनी समस्या
शशिकांत के अनुसार 11 जनवरी 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सिहावा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी उन्होंने अपनी समस्या उनके सामने रखी थी।
वहीं, 10 अगस्त 2026 को सिहावा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनकी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात हुई। शशिकांत का दावा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री को अपना आवेदन सौंपकर अपनी पूरी समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या सुनी और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
अब कलेक्टर और विधायक से भी लगाई गुहार
शशिकांत ने धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा, सिहावा विधायक अंबिका मरकाम सहित छत्तीसगढ़ के नागरिकों से अपील की है कि उनकी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और इलाज की व्यवस्था कराने में सहयोग करें।
शशिकांत का कहना है कि वह पिछले 10 वर्षों से दर्दनाक जिंदगी जी रहे हैं और अब सरकार से उन्हें इलाज की उम्मीद है।
सरकार से सिर्फ इलाज की उम्मीद
शशिकांत ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा है कि सरकार उनका इलाज ESIC अस्पताल, वसंत कुंज, दिल्ली में करा दे, ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सा मिल सके और वह अपने जीवन को दोबारा सामान्य बनाने की कोशिश कर सकें।
उन्होंने कहा कि यदि इलाज की व्यवस्था नहीं हो पाती है तो वह अत्यंत निराश हैं और इच्छामृत्यु की अनुमति तक मांगने की बात कह रहे हैं। यह उनकी लंबे समय से चली आ रही पीड़ा और बेबसी को दर्शाता है।
अब देखना होगा कि शशिकांत की इस मार्मिक अपील पर छत्तीसगढ़ सरकार और स्वास्थ्य विभाग कब संज्ञान लेते हैं और उनके इलाज के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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