डीआईजी गिरिजा शंकर जायसवाल भी नई जिम्मेदारी में
CBN36 रायपुर। राज्य में बढ़ती साइबर अपराध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने स्टेट साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (S4C) का गठन किया है। गृह (पुलिस) विभाग, मंत्रालय महानदी भवन से 17 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार S4C राज्य स्तर पर साइबर क्राइम से संबंधित गतिविधियों के लिए सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट (SPOC) के रूप में कार्य करेगा।
आदेश के मुताबिक S4C, वर्टिकल पुलिस मुख्यालय (PHQ) की तकनीकी सेवाएं शाखा के अधीन कार्य करेगा। इसका उद्देश्य साइबर अपराधों से संबंधित गतिविधियों की बेहतर निगरानी, प्रभावी प्रवर्तन तथा विभिन्न स्तरों पर समन्वय को मजबूत करना है। केंद्र सरकार की व्यवस्था में भी S4C को I4C के साथ साइबर अपराध संबंधी सूचनाओं और खतरों के समन्वय के लिए महत्वपूर्ण तंत्र माना गया है।
प्रशांत अग्रवाल को S4C की कमान
शासन ने पुलिस महानिरीक्षक आईपीएस प्रशांत अग्रवाल, भापुसे (2008) को पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिरीक्षक के पद से स्थानांतरित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक, S4C, PHQ के पद पर पदस्थ किया है।
इसी तरह आईपीएस गिरिजा शंकर जायसवाल, भापुसे 2010 जो वर्तमान में उप पुलिस महानिरीक्षक तकनीकी सेवा पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ के पद पर कार्यरत थे, उन्हें उप पुलिस महानिरीक्षक, S4C, PHQ के पद पर पदस्थ किया गया है।
साइबर अपराध के खिलाफ समन्वित कार्रवाई को मिलेगा बल
S4C के गठन से राज्य में साइबर अपराध से जुड़ी सूचनाओं, तकनीकी संसाधनों और कार्रवाई के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद है। छत्तीसगढ़ में पहले से राज्य साइबर पुलिस थाना, रेंज साइबर पुलिस थाने, साइबर फोरेंसिक लैब, 1930 हेल्पलाइन और क्षेत्रीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र जैसी व्यवस्थाएं संचालित हैं।
गृह मंत्रालय के अनुसार साइबर अपराध से निपटने के लिए राज्यों में S4C की स्थापना का उद्देश्य राज्य स्तर पर समन्वय मजबूत करना और राष्ट्रीय स्तर के I4C तंत्र के साथ साइबर अपराध संबंधी सूचनाओं का प्रभावी आदान-प्रदान सुनिश्चित करना है।
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