राजधानी रायपुर की बिजली व्यवस्था होगी और अधिक सुदृढ़
रायपुर CBN36। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने राजधानी रायपुर की विद्युत व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। दलदल सिवनी से रायता तक 220 केवी मल्टी सर्किट लाइन का निर्माण कार्य अत्याधुनिक हॉट-लाइन तकनीक के माध्यम से सफलतापूर्वक पूरा किया गया। विशेष बात यह रही कि मुंबई-हावड़ा जैसे अत्यंत व्यस्त रेलवे ट्रैक के ऊपर यह कार्य रेल परिचालन को बिना किसी बाधा के संपन्न किया गया।
यह कार्य तकनीकी दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण था। लगभग 60 मीटर ऊंचे दो टावरों के बीच से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर औसतन हर 10 मिनट में एक ट्रेन का आवागमन होता है। वहीं, टावर के समीप लगभग 12 फीट गहरा नाला होने से कार्य और भी कठिन हो गया था। इसके बावजूद ट्रांसमिशन कंपनी के अभियंताओं ने कुशल योजना, समन्वय और हॉट-लाइन तकनीक के सफल उपयोग से यह कार्य सुरक्षित एवं निर्धारित समय में पूरा किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर ट्रांसमिशन कंपनी के अभियंताओं एवं पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे राज्य की विद्युत अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि बताया।
ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि दलदल सिवनी में निर्माणाधीन 220/132 केवी सब स्टेशन तथा 220 केवी मल्टी सर्किट लाइन परियोजना पर लगभग 89 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। परियोजना पूर्ण होने के बाद रायता स्थित 400 केवी सब स्टेशन से दलदल सिवनी 220/132 केवी सब स्टेशन तक सीधे बिजली पहुंच सकेगी। इससे रायपुर शहर को विद्युत आपूर्ति करने वाली 220 केवी की चार सर्किट लाइनें बढ़कर छह हो जाएंगी, जिससे राजधानी की बिजली व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं भरोसेमंद बनेगी।
कार्य के दौरान लगभग 200 मीटर लंबे एवं भारी कंडक्टर को दूसरी ओर पहुंचाने के लिए पहले पायलट रोप तैयार किया गया। दोनों ओर पांच-पांच टन क्षमता की विंचिंग मशीनों का उपयोग किया गया तथा लगभग 90 डिग्री के कोण पर छह कंडक्टरों को तीन दिनों की सतत प्रक्रिया में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया।
पूरे कार्य के दौरान डीआरएम कार्यालय के अधिकारियों ने आवश्यक समन्वय बनाए रखा। रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई तथा निगरानी हेतु कर्मचारियों की तैनाती की गई, जिससे रेल यातायात बिना किसी व्यवधान के संचालित होता रहा।
इस कार्य में कार्यपालक निदेशक संजय पटेल, मुख्य अभियंता परियोजना प्रसन्ना गोसावी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता ईश्वर कंवर, अधीक्षण अभियंता वी.ए. देशमुख, कार्यपालन अभियंता श्री यू.के. यादव, सहायक अभियंता सुरेश वर्मा, पी.के. तिवारी, प्रबोल मिश्रा, श्री राम ठाकुर, श्री प्रतीक मित्रा तथा एजेंसी लक्ष्मी सिद्धार्थ ट्रांसमिशन के वेणुगोपाल रेड्डी का विशेष योगदान रहा।
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