
बालाघाट। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल स्थित बालाघाट रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो गया है। लगभग 8.03 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना के तहत स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं, उन्नत अधोसंरचना और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप नया स्वरूप दिया गया है।
पुनर्विकास के बाद स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 13,366 वर्गमीटर का विशाल सर्कुलेटिंग एरिया विकसित किया गया है, जिससे प्रवेश एवं निकास व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित हो गई है। साथ ही अतिरिक्त टिकट काउंटर, बेहतर यातायात प्रबंधन और निर्बाध आवागमन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

स्टेशन पर आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था विकसित की गई है। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बेहतर संकेतक, भीड़ प्रबंधन तथा आकर्षक स्टेशन परिसर तैयार किया गया है।
प्लेटफॉर्मों का भी उन्नयन किया गया है। 10 आधुनिक प्लेटफॉर्म शेल्टर बनाए गए हैं, जिससे यात्रियों को धूप और बारिश से बेहतर सुरक्षा मिलेगी। प्लेटफॉर्म की सतह और अन्य यात्री सुविधाओं में भी सुधार किया गया है।

मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की त्रिकोणी सीमा के निकट स्थित बालाघाट अपनी प्राकृतिक सुंदरता, वनों और पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। स्टेशन के सौंदर्यीकरण में स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक परिवेश की झलक को विशेष रूप से शामिल किया गया है, जिससे यात्रियों को स्टेशन पर ही क्षेत्र की पहचान का अनुभव हो सके।
रेलवे के अनुसार, पुनर्विकसित बालाघाट रेलवे स्टेशन क्षेत्रीय पर्यटन, स्थानीय व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा। कान्हा टाइगर रिजर्व सहित आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए यह स्टेशन अब अधिक सुविधाजनक प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करेगा।
अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करते हुए उन्हें स्थानीय संस्कृति और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है। इसी दिशा में बालाघाट रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास भारतीय रेल की यात्री-केंद्रित विकास नीति और “विकसित भारत” के संकल्प को मजबूत करता है।
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