
“एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसे मामलों में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी ,मामले में फरार अन्य आरोपी की गिरफ्तारी शीघ्र”
छत्तीसगढ़ ।रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन से जुड़े एक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले में फरार एक अन्य आरोपी की तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत चौकी खरसिया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुभेष अग्रवाल (39) निवासी रायगढ़ चौक, खरसिया को गिरफ्तार किया। आरोपी पर आईपीएल सहित अन्य क्रिकेट मैचों में ऑनलाइन सट्टा संचालन तथा सट्टे से जुड़े रुपये के लेन-देन और हिसाब-किताब में शामिल होने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, 29 अप्रैल 2025 को थाना साइबर और चौकी खरसिया पुलिस की संयुक्त टीम ने नवीन स्कूल के पास खरसिया क्षेत्र में कार्रवाई कर अंकित अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन और 21 हजार रुपये नकद बरामद किए गए थे। मोबाइल की जांच में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले थे।
पूछताछ में सामने आया था कि अंकित अग्रवाल अपने सहयोगियों अमित अग्रवाल और सुभेष अग्रवाल के साथ मिलकर ऑनलाइन सट्टा कारोबार संचालित करता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों से संपर्क कर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाने का काम करते थे।
इस मामले में थाना खरसिया में अपराध क्रमांक 203/2025 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 और 7 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया था। अंकित अग्रवाल को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है, जबकि अमित अग्रवाल और सुभेष अग्रवाल फरार थे।
पुलिस को हाल ही में सूचना मिली थी कि सुभेष अग्रवाल खरसिया क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटारोला कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामले का एक अन्य आरोपी अमित अग्रवाल निवासी स्टेशन रोड, खरसिया अब भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी में चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी, सहायक उपनिरीक्षक उदय सिदार, प्रधान आरक्षक ममता मिंज तथा अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रधान संपादक


