रायपुर।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। राज्य में चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बीच रायगढ़ जिला इस योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश का अग्रणी जिला बनकर उभरा है। जिले में अब तक 2,705 परिवारों के घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे ये परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भर बनने के साथ बिजली बिल के बोझ से भी राहत पा रहे हैं।
विद्युत विभाग के अनुसार जिले में स्थापित सोलर संयंत्रों की कुल क्षमता 11,504 किलोवाट से अधिक है। इन संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 46 हजार यूनिट तथा प्रतिमाह करीब 13.80 लाख यूनिट हरित बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे उपभोक्ताओं की ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति के साथ पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी कम हो रही है।
योजना के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। जिले में अब तक 6,701 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। केवल मई माह में 912 नए आवेदन मिले, जिनमें से 411 घरों में सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। वर्तमान में हर सप्ताह औसतन 228 नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं और 100 से अधिक घरों में नियमित रूप से सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं।
गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली खपत के बीच यह योजना उपभोक्ताओं को राहत प्रदान कर रही है। सोलर संयंत्र लगाने वाले परिवार अपनी जरूरत की अधिकांश बिजली स्वयं उत्पादित कर रहे हैं, जिससे उनका मासिक बिजली खर्च काफी कम हो गया है।
विभाग के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से पात्र हितग्राहियों को 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही सोलर प्लांट स्थापना के लिए बैंकों के माध्यम से आसान ऋण सुविधा भी उपलब्ध है।
अधिकारियों ने बताया कि एक किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र प्रतिमाह लगभग 120 यूनिट, दो किलोवाट का संयंत्र 240 यूनिट तथा तीन किलोवाट क्षमता का संयंत्र करीब 360 यूनिट बिजली उत्पादन कर रहा है।
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी रखी गई है। इच्छुक उपभोक्ता पीएम सूर्यघर पोर्टल, मोबाइल ऐप, सीएसपीडीसीएल की डिजिटल सेवाओं अथवा टोल फ्री नंबर 1912 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया में उपभोक्ताओं को अपनी पसंद के अधिकृत वेंडर का चयन करने की सुविधा भी दी गई है।
राज्य सरकार का मानना है कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से न केवल बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ मिल रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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