छत्तीसगढ़ ।दुर्ग पुलिस ने नए हार्वेस्टर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपये लेने और वाहन की आपूर्ति नहीं करने के आरोप में एक अधिकृत डीलर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मामले में करीब 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है।
पुलिस ने बताया कि परशुराम साहू, धनेश ढीमर और टीकाराम साहू ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि मेसर्स दुर्ग ट्रैक्टर्स के अधिकृत डीलर वरुण प्रताप सिंह ने नए हार्वेस्टर उपलब्ध कराने के लिए उनसे राशि प्राप्त की, लेकिन लंबे समय तक वाहन उपलब्ध नहीं कराया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि शिकायतकर्ताओं ने हार्वेस्टर खरीदने के लिए बैंक से वित्तीय सहायता (फाइनेंस) ली थी। बैंक से संबंधित राशि सीधे डीलर की फर्म के खाते में स्थानांतरित की गई थी। इसके अलावा कुछ भुगतान नकद भी किया गया था। पुलिस के अनुसार पूरी राशि प्राप्त करने के बावजूद हार्वेस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया और शिकायतकर्ताओं को लगातार टालमटोल किया जाता रहा।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में परशुराम साहू से हार्वेस्टर दिलाने के नाम पर लगभग 27 लाख रुपये लेने के बाद भी वाहन उपलब्ध नहीं कराना पाया गया। इसके आधार पर थाना पुलगांव के अंतर्गत चौ
जेवरा सिरसा में अपराध क्रमांक 515/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान ऐसी जानकारी भी मिली है कि आरोपी ने अन्य लोगों से भी हार्वेस्टर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपये प्राप्त किए हो सकते हैं। इस संबंध में आगे जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 36 वर्षीय वरुण प्रताप सिंह के रूप में हुई है, जो मालवीय नगर स्थित शांति निकेतन अपार्टमेंट, मोहन नगर का निवासी है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पूर्व में जिला बालोद के डौंडी लोहारा थाने में भी आपराधिक प्रकरण दर्ज रहा है।
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