छत्तीसगढ़ ।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बिलासपुर प्रवास के दौरान मधुबन-जूना बिलासपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगी तथा बिलासपुर को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है और राज्य सरकार युवाओं को बेहतर संसाधन एवं आधुनिक अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
करीब 13 एकड़ शासकीय भूमि पर 120 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे इस एजुकेशन हब में नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी, 300-300 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास, आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। एक ही परिसर में अध्ययन, आवास और शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा।
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के तहत 48 बड़े रेंटल हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है। इससे नगर निगम को दीर्घकालिक एवं स्थायी आय का स्रोत प्राप्त होगा। पीपीपी मॉडल पर विकसित की जा रही यह परियोजना वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर होगी और नगर निगम पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब केवल एक भवन परियोजना नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को नई दिशा देने वाला ज्ञान केंद्र है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना पूर्ण होने के बाद बिलासपुर की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख शैक्षणिक एवं प्रतियोगी परीक्षा तैयारी केंद्र के रूप में स्थापित होगी।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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