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June 2, 2026 9:43 pm

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

“एनसीआरपी पोर्टल से मिले सुराग,कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें,कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें,साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की आईजी,एसएसपी ने की अपील”

बिलासपुर। रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने शेयर ट्रेडिंग एवं ऑनलाइन निवेश में अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में पहले चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने गिरोह के प्रमुख सदस्य रजत तोमर को भी गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार नर्मदा नगर कॉलोनी, बिलासपुर निवासी एक महिला से शेयर ट्रेडिंग में अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर विभिन्न तिथियों में कुल 17 लाख 21 हजार 100 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी। शिकायत मिलने पर साइबर थाना बिलासपुर ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग लेनदेन एवं डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण कर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

पुलिस ने पूर्व में मुकेश कुमार दास, केशव साव, संदीप कुमार चंद्रा उर्फ विक्की तथा शिशिर राठौर को गिरफ्तार किया था। आगे की जांच में गिरोह के प्रमुख सदस्य रजत तोमर को भी गिरफ्तार किया गया। वह दुर्ग से उत्तर प्रदेश भागने की तैयारी में था।

कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें

जांच में सामने आया कि आरोपी संदीप कुमार चंद्रा के बैंक खाते के खिलाफ गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में पांच साइबर शिकायतें दर्ज हैं। वहीं मुकेश कुमार दास के तीन बैंक खातों के विरुद्ध कुल 13 शिकायतें दर्ज होना पाया गया। इन खातों से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की राशि लगभग आठ करोड़ रुपये बताई गई है।

पुलिस जांच में यह भी पता चला कि मुकेश कुमार दास के खातों में साइबर अपराध से संबंधित लगभग 10 लाख रुपये प्राप्त हुए थे, जिन्हें बाद में अन्य खातों में स्थानांतरित किया गया।

लाखों रुपये की राशि होल्ड

रेंज साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी केशव साव के एक्सिस बैंक खाते में लगभग 99 लाख रुपये तथा आरोपी शिशिर राठौर के खाते में लगभग एक लाख रुपये होल्ड कराए हैं। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त और ट्रांसफर करते थे।

बैंक खाते उपलब्ध कराने का करता था काम

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रजत तोमर साइबर ठगी नेटवर्क के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने, खाताधारकों को प्रलोभन देकर नेटवर्क से जोड़ने तथा साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि के लेनदेन को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। वह लोगों को अधिक लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल करता था तथा खाताधारकों को दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर ले जाकर उनके खातों का उपयोग साइबर अपराध में करवाता था।आरोपी के कब्जे से विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

एनसीआरपी पोर्टल से मिले सुराग

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपियों के बैंक खातों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में अनेक साइबर अपराध संबंधी शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होकर शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था।

साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की आईजी ने की अपील

बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को साइबर अपराध के विरुद्ध बड़ी सफलता माना जा रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से शेयर ट्रेडिंग, ऑनलाइन निवेश एवं अधिक मुनाफे के नाम पर मिलने वाले अनजान कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया समूहों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह  सीएसपी कोतवाली गगन कुमार के मार्गदर्शन में की गई । मामले की जांच एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में रेंज साइबर थाना की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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