रायगढ़। 35 हजार रुपये की लूट को अंजाम देने वाले तीन युवकों को शायद अंदाजा नहीं था कि लूट की रकम से की गई शराबखोरी ही उनकी गिरफ्तारी का कारण बन जाएगी। वारदात के बाद आरोपियों ने अधिकांश रकम शराब और मौज–मस्ती में खर्च कर दी। पुलिस ने लूट की वारदात का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट की रकम का शेष हिस्सा और घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम सिंघरा निवासी संजय सिंह सिदार 29 मई को शादी के कार्ड लेने और एटीएम से रुपये निकालने खरसिया आया था। एचडीएफसी बैंक के एटीएम से 35 हजार रुपये निकालने के बाद वह शराब भट्टी पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात छोटू उर्फ विक्की चौहान से हुई। आरोपी ने उसके साथ चलने की बात कही और प्रार्थी उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर बंधवा तालाब के पास पीपल पेड़ के समीप पहुंचा।
वहां पहले से मौजूद द्वारिका चौहान और राहुल सिदार ने मिलकर संजय सिंह को जान से मारने की धमकी दी तथा उसके पास रखे 35 हजार रुपये लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना से सहमे पीड़ित ने घर पहुंचकर परिजनों को जानकारी दी, जिसके बाद चौकी खरसिया में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 263/2026 के तहत धारा 309(4) एवं 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्धों की पहचान की और उनके ठिकानों पर दबिश देकर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपियों ने बताया कि लूटी गई 35 हजार रुपये की राशि में से अधिकांश रकम शराब और अन्य खर्चों में खर्च कर दी गई। पुलिस ने उनके कब्जे से शेष 2,500 रुपये नगद तथा दो मोबाइल फोन बरामद कर जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में छोटू उर्फ विक्की उर्फ विकेश्वर चौहान (22 वर्ष), द्वारिका चौहान (24 वर्ष) एवं राहुल सिदार (19 वर्ष) शामिल हैं। तीनों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी, एएसआई उदय सिदार तथा पुलिस टीम के अन्य जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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