
हिंदी विश्वविद्यालय में खाद्य-पृथ्वी-स्वास्थ्य विषय पर वेबिनार आयोजित
वर्धा, 08 मई 2026। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा एवं सामाजिक संगठन वीगन के संयुक्त तत्वावधान में खाद्य-एम-पृथ्वी-स्वास्थ्य विषय पर वेबिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पौध-आधारित आहार के पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। वेबिनार की संरक्षक विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा रहीं। मुख्य वक्ता के रूप में वीगन की क्षेत्रीय समन्वयक निजा धिल्लन ने अपने विचार व्यक्त किए।
निजा धिल्लन ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण और बेहतर स्वास्थ्य के लिए वीगन जीवनशैली अपनाना आवश्यक होता जा रहा है। उन्होंने लोगों से पशु उत्पादों के स्थान पर पौध-आधारित खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि वीगन जीवनशैली अपनाने वाले लोगों को प्रोटीन की पूर्ति के लिए दालें, बीन्स, मूंगफली, फलियां, टोफू, सोया चाप, सोया चंक्स तथा सोया मिल्क जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अधिक उत्पादन की लालसा में मुर्गियों, मछलियों और गायों को तेजी से बढ़ाने के लिए एंटीबायोटिक इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। इनका प्रभाव खाद्य श्रृंखला के माध्यम से मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ता है, जिससे दीर्घकालिक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने खाना पकाने में घी के स्थान पर वनस्पति तेल के उपयोग को स्वास्थ्य की दृष्टि से अधिक लाभकारी बताया।
निजा धिल्लन ने कहा कि पौध-आधारित जीवनशैली अपनाने से न केवल मानव समाज बल्कि पृथ्वी, पर्यावरण और अन्य जीवों का भी कल्याण संभव है। उन्होंने प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
वेबिनार में राष्ट्रीय सेवा योजना के संयोजक डॉ. बालाजी चिरडे, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विधु खरे दास, डॉ. हेमचंद्र ससाने सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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