
कबीरधाम में बोरे बासी और आमा चटनी का लिया स्वाद, योजनाओं की जमीनी हकीकत भी जानी
रायपुर, 4 मई 2026। सुशासन तिहार के तहत कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में सोमवार को एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान अचानक श्रमिकों के बीच पहुंच गए। उनके इस सहज व्यवहार से मौके पर मौजूद श्रमिकों में उत्साह का माहौल बन गया।
निरीक्षण के दौरान महिला श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। श्रमिक महिलाएं अपने घर से पारंपरिक भोजन—बोरे बासी, पान पुरवा रोटी, चना और चरोटा भाजी, मुनगा बड़ी तथा आमा (आम) की चटनी लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री श्रमिकों के साथ जमीन पर बैठकर उनके टिफिन से ही भोजन करते नजर आए।
मुख्यमंत्री ने बोरे बासी और आमा चटनी का स्वाद लेते हुए इसे अपनी संस्कृति से जुड़ा भोजन बताया। इस दौरान उन्होंने श्रमिक महिलाओं से बातचीत करते हुए विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। उन्होंने महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के लाभ को लेकर महिलाओं से फीडबैक लिया।
महिलाओं ने बातचीत के दौरान गांव की प्रमुख समस्या पेयजल संकट को बताया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बोरवेल और हैंडपंप लंबे समय तक कारगर नहीं रहते, जिससे गर्मी में स्थिति और गंभीर हो जाती है।
इस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि 26 गांवों के लिए एक विशेष पेयजल योजना तैयार की गई है, जिसके तहत दूरस्थ जल स्रोत से पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने योजना को शीघ्र स्वीकृति देकर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है।
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