नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित एक पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि देश में कोयले की कमी के कारण भारत गंभीर बिजली संकट और ग्रिड फेल होने की स्थिति का सामना कर रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन दावों को पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार 02 मई 2026 को देश में अधिकतम पीक डिमांड 229 गीगावाट दर्ज की गई, जिसे पूरी तरह पूरा किया गया। इस दौरान कहीं भी बिजली की कमी या आपूर्ति बाधित होने की स्थिति सामने नहीं आई।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में तापीय विद्युत संयंत्रों के पास 53.702 मिलियन टन कोयले का भंडार उपलब्ध है, जो मौजूदा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसके साथ ही देश में बिजली की उपलब्धता संतोषजनक बनी हुई है और ग्रिड संचालन निर्धारित योजनाओं के अनुसार सुचारू रूप से प्रबंधित किया जा रहा है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा फ्रीक्वेंसी कंट्रोल डिफेंस मैकेनिज्म ग्रिड की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त परिचालन मार्जिन प्रदान करते हैं, जिससे किसी प्रकार के ग्रिड फेल होने की आशंका नहीं है।
सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा ऐसे कंटेंट की तुरंत रिपोर्ट करें। इसके लिए व्हाट्सऐप नंबर +91 8799711259 और ईमेल factcheck@pib.gov.in पर संपर्क किया जा सकता है।
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