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April 26, 2026 12:26 am

बस्तर सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की ओर: दूरस्थ गांवों में पहुंची बिजली से बदली तस्वीर

रायपुर, 25 अप्रैल 2026। नक्सल समस्या के प्रभाव में कमी आने के साथ ही बस्तर क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। दूरस्थ और संवेदनशील गांवों तक पहली बार बिजली पहुंचने से न केवल अंधकार दूर हुआ है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। यह परिवर्तन बस्तर के सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र स्थित ग्राम ईरपानार दशकों के अंधेरे के बाद अब विद्युत रोशनी से जगमगा उठा है। राज्य सरकार की “नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव)” योजना के तहत इस गांव का विद्युतीकरण संभव हो पाया है। इस पहल का उद्देश्य बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है।

दुर्गम परिस्थितियों के बीच मिला उजाला

ईरपानार गांव तक पहुंचना आसान नहीं रहा है। जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव तक कच्चे रास्तों, घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है। बरसात के दौरान संपर्क और भी कठिन हो जाता है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की टीम ने मिशन मोड में कार्य करते हुए इस चुनौतीपूर्ण कार्य को पूरा किया।

कलेक्टर नारायणपुर के अनुसार, कई स्थानों पर बिजली के खंभे और सामग्री पहुंचाने के लिए मशीनों के बजाय मानव श्रम और स्थानीय सहयोग का सहारा लिया गया। कठिन परिस्थितियों में भी टीम ने समयबद्ध तरीके से लाइन विस्तार, पोल स्थापना और कनेक्शन कार्य पूरा कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया।

56.11 लाख की लागत से साकार हुआ सपना

ग्राम ईरपानार के विद्युतीकरण पर कुल 56.11 लाख रुपये व्यय किए गए। इस परियोजना के तहत गांव के सभी परिवारों को पहली बार विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। यह पहल अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने की सोच को साकार करती है।

बच्चों के भविष्य को मिला नया आधार

बिजली आने से अब बच्चों को रात में पढ़ाई के लिए पर्याप्त रोशनी मिलेगी। मोबाइल चार्जिंग, पंखे और अन्य घरेलू उपकरणों की सुविधा से जीवन स्तर में सुधार होगा। भविष्य में यहां डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और स्वरोजगार के अवसर भी विकसित होने की संभावना है।

ग्रामीणों में उत्साह का माहौल

गांव में पहली बार बल्ब जलने पर ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला। वर्षों से लालटेन और पारंपरिक साधनों पर निर्भर जीवन अब बदलने लगा है। ग्रामीणों ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

बस्तर में विकास की नई कहानी

ईरपानार के साथ-साथ बीजापुर जिले के चिल्कापल्ली जनवरी 2025 और तेमिनार मार्च 2025 सहित अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी हाल के समय में बिजली पहुंचाई गई है। अबूझमाड़ क्षेत्र के हांदावाड़ा गांव में भी विद्युतीकरण से विकास की नई शुरुआत हुई है।प्रशासन द्वारा इन क्षेत्रों में बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाने का कार्य जारी है, जिससे बस्तर के समग्र विकास को नई गति मिल रही है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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