रायपुर, 24 अप्रैल। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ ने आमजन से सतर्क रहने और लू हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि थोड़ी सी लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है, ऐसे में बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है।

विभाग के अनुसार, लू लगने के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, चक्कर आना या बेहोशी, उल्टी, मतली और सिरदर्द शामिल हैं। इसके अलावा त्वचा का सूखा और लाल हो जाना भी हीट स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सतर्क होने की जरूरत है।
बचाव के लिए क्या करें

तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, विशेषकर दोपहर के समय। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी या ओआरएस का सेवन करें। हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा बाहर जाते समय सिर को टोपी, गमछा या छाते से ढककर रखें। धूप में काम करने वाले लोग बीच-बीच में आराम जरूर करें।
खानपान में बरतें सावधानी
गर्मी के मौसम में पानी, ओआरएस, छाछ और नींबू पानी का अधिक सेवन करें। तरबूज, खीरा, ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फल एवं हरी सब्जियां आहार में शामिल करें। वहीं खाली पेट धूप में जाने से बचें और चाय, कॉफी व तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान

बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को धूप में अकेला न छोड़ें और उनका विशेष ध्यान रखें, क्योंकि ये वर्ग लू के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
लू लगने पर क्या करें
यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए तो उसे तुरंत छांव या ठंडी जगह पर लाएं। शरीर को ठंडा करने के लिए गीले कपड़े से पोंछें और पानी या ओआरएस दें। स्थिति गंभीर होने पर बिना देर किए नजदीकी अस्पताल ले जाएं।स्वाथ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के इस मौसम में सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
प्रधान संपादक


