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April 26, 2026 2:12 pm

कानाफूसी

सिस्टम की नाकामी या कुछ और

बलरामपुर जिले के चांदो इन दिनों चर्चा में है। चर्चा इसलिए हो रही है, वहां जो कुछ दिखा या नजर आया, उसे लेकर सिस्टम की नाकामी पर ही दोष मढ़ा जा सकता है। स्कूली बच्चों को सरकारी योजनाओं के तहत फ्री में दिए जाने वाला यूनिफार्म कचरे के ढेर में पड़ा मिला। लिखने में तो अचरज लग ही रहा है, कल्पना कीजिए जिसने कचरे के ढेर के बीच नौनिहालों के इस यूनिफार्म की बेदर्दी देखी होगी उसका मन क्या कह रहा होगा। यह सब देखने के बाद किसे-किसे कोसा होगा। इसके सिवाय अब रह ही क्या गया है। कोसने और सिस्टम की नाकामी बताने के अलावा कुछ भी तो नहीं। इतने के बाद भी यह तो लिखा ही जा सकता है, जिम्मेदारों पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। जिम्मेदारी तय होने का मतलब कार्रवाई होनी चाहिए और वह भी पुख्ता।

खेल स्टेडियम में चल रहा दूसरा खेल, अफसरों को पता ना मातहतों को

शीर्षक से ही आप यह तो जान गए होंगे, खेल का स्टेडियम है। यहां कौन मिलेंगे। खिलाड़ी और कोच, स्टाफ,खेल का सामान और साफ सुथरा मैदान। खिलाड़ियों के ठहरने की पूरी सुविधा। जी हां, यह सब है। पर यहां खेल के बजाय सब हो रहा है। खिलाड़ियों की जगह सत्संग सुनने वाले श्रोताओं ने ले लिया और खेल मैदान से लेकर खिलाड़ियों के ठहरने की जगह पर कब्जा भी कर लिया। अचरज इस बात की, ना तो अफसरों को पता और ना ही मातहतों को। फिर यह जादू कैसे हो गया। सत्संग चलता रहा, लोग प्रवचन सुनते रहे। भोजन के लिए बड़ा सा चूल्हा बना लिया। खिलाड़ियों के वाश रूम से बाथ रूम में भी कब्जा कर लिया। ऊपर से तो आए नहीं होंगे। सड़क के जरिए आए होंगे और स्टेडियम में पहुंचे होंगे। फिर पता क्यों नहीं चला। अगर चला भी तो इतनी बड़ी लापरवाही कैसे और किस स्तर पर हो गई।

बीट सिस्टम और एसएसपी का नवाचार


छत्तीसगढ़ में इन दिनों न्यायधानी बिलासपुर की चर्चा जोरों से हो रही है। यह चर्चा कहीं और नहीं, पुलिस के बीच हो रही है। बिलासपुर जिले के कप्तान ने एक और नवाचार कर दिया है। शहर में पुलिस बीट सिस्टम को अपडेट कर दिया है। बीट सिस्टम का मतलब बीट प्रभारी की जेब में उस बीट के अपराधियों की पूरी जन्मकुंडली। अब पुलिस पूरी तरह हाईटैक और अपडेट हो गई है। तभी तो ड्रग पैडलर्स से लेकर तस्करी के धंधे में शामिल अपराधी अब सीधे जेल की हवा खा रहे हैं। बीट सिस्टम ने लोगों का भरोसा भी जीता है। तभी तो छत्तीसगढ़ में इन दिनों पुलिस बीट सिस्टम और एसएसपी का कैश रिवार्ड की चर्चा जोरों पर है।

जनगणना,आप, हम और सरकारी अमला


बात राष्ट्रीय स्तर पर शुरू हो रहे अति महत्वाकांक्षी कार्य की चर्चा बेहद जरुरी है। जनगणना कार्य में हम सबकी सहभागिता जरुरी है। देश व्यापी इस अभियान में सबकी सहभागिता इसलिए जरुरी, जो आंकड़े जनगणना कर्मी जुटाएंगे, आने वाले दिनों में इन्हीं आंकड़ों के जरिए केंद्र सरकार देशव्यापी योजना बनाएगी और उस पर सभी राज्य सरकारों को अमल करने की जिम्मेदारी रहेगी। हम आप और आप जो जानकारी जनगणना कर्मियों को उपलब्ध कराएंगे, इन्हीं जानकारी के आधार पर योजनाओं का लाभ हम सबको मिलेगा। इसलिए राष्ट्रीय अभियान में बढ़चढ़क हिस्सा लेने की जरुरत है।

अटकलबाजी


जांच हुई तो स्टेडियम को प्राइवेट लिमिटेड बनाने में किस-किस की भूमिका पर्दे के पीछे रही है, सब सार्वजनिक हो जाएगा। सवाल ये है, जांच का आदेश कहां से आएगा और जिम्मा कौन लेगा। जरा पता लगाइए, इसमें कहां से रोड़ा अटकाया जा रहा है।

पहले सरकारी किताबें कबाड़ दुकानों में मिली, अब यूनिफार्म कचरे में ढेर में मिला है। क्या सरकारी किताबों की तर्ज पर सरकारी यूनिफार्म के कचरे के ढेर में पड़े रहने की सरकार जांच कराएगी। जांच हुई तो कौन-कौन से चेहरे सामने आएंगे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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