बिलासपुर, 19 अप्रैल 2026। श्रमिकों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। योजनाओं के बेहतर संचालन के चलते बिलासपुर ने राज्य स्तर पर कई श्रेणियों में अग्रणी स्थान भी प्राप्त किया है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा छत्तीसगढ़ केएमअसंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से 215 शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के जरिए कुल 42,316 श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जबकि 16,861 पंजीकृत श्रमिकों का नवीनीकरण भी कराया गया।
महिला श्रमिकों के लिए संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 5,296 महिलाओं को प्रसव सहायता के रूप में प्रति हितग्राही 20-20 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। इस मद में कुल 10 करोड़ 59 लाख 20 हजार रुपये वितरित किए गए, जिसके साथ बिलासपुर ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

इसी प्रकार, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति सहायता योजना के अंतर्गत 33,121 बच्चों को कुल 6 करोड़ 43 लाख 62 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे जिले को राज्य में पांचवां स्थान मिला। वहीं गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के तहत 14,757 विद्यार्थियों को 1 करोड़ 99 लाख 21 हजार रुपये वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी सहायता योजना के तहत 283 मेधावी विद्यार्थियों को 15 लाख 48 हजार रुपये की सहायता दी गई। निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के अंतर्गत 669 श्रमिकों एवं उनके बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु कोचिंग सुविधा दी गई, जिससे जिले को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ।
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत चयनित बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 28 बच्चों को कुल 11 लाख 30 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे बिलासपुर को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत जिले में 370 मृतक श्रमिकों के परिजनों को कुल 3 करोड़ 74 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई, जिससे जिले को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ।
इसी प्रकार, मुख्यमंत्री नौनिहाल सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग की 2,814 अविवाहित पुत्रियों को, जिन्होंने न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की है, कुल 5 करोड़ 62 लाख 80 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई। इस योजना में बिलासपुर जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा।
मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 59 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 413 श्रमिकों को कुल 82 लाख 60 हजार रुपये की सहायता राशि वितरित की गई, जिससे जिले को राज्य में चौथा स्थान प्राप्त हुआ।
दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 3 वर्ष पूर्व पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को ई-रिक्शा क्रय हेतु अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत जिले के 17 श्रमिकों को कुल 14 लाख 32 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे बिलासपुर को प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त हुआ।

शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता योजना के अंतर्गत जिले में बृहस्पति बाजार, तिफरा फल-सब्जी मंडी, शनिचरी बाजार एवं एनटीपीसी क्षेत्र में कुल चार केंद्र संचालित हैं, जहां पंजीकृत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गर्म एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष के दौरान इस योजना से 4 लाख 20 हजार 826 लोगों को लाभान्वित किया गया, जिससे बिलासपुर को प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत 1,248 श्रमिकों को कुल 46 लाख 23 हजार 9 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। वहीं मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 66 महिला श्रमिकों को 5 लाख 21 हजार 400 रुपये वितरित किए गए, जिससे जिले को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 3,443 श्रमिकों को कुल 1 करोड़ 20 लाख 9 हजार 98 रुपये तथा निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 2,634 श्रमिकों को कुल 39 लाख 51 हजार रुपये की सहायता राशि वितरित की गई।
इन सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बिलासपुर जिले ने श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए राज्य स्तर पर अपनी मजबूत और प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है।
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