बिलासपुर।वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रेल अवसंरचना विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करते हुए कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। निरंतर प्रयासों और योजनाबद्ध कार्यप्रणाली के चलते यात्री सुविधाओं में सुधार, रेल क्षमता विस्तार तथा सुरक्षित परिचालन को नई गति मिली है।
पिछले एक दशक में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा कुल 1475 किलोमीटर लंबी 15 महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि न केवल रेल नेटवर्क को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध हुई है, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा प्रदान कर रही है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 125 किलोमीटर नई रेल लाइन का लोकार्पण एवं कमीशनिंग किया गया। इस अवधि में विभिन्न महत्वपूर्ण रेल खंडों पर कार्य पूर्ण कर उन्हें परिचालन के लिए तैयार किया गया।
बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत कोतरलिया जामगा, भूपदेवपुर किरोड़ीमल नगर, किरोड़ीमल नगर रायगढ़, रायगढ़ कोतरलिया, सारागांव बाराद्वार तथा बाराद्वार सक्ती जैसे खंडों में कार्य पूर्ण किया गया।
इसी प्रकार राजनांदगांव नागपुर तीसरी रेल लाइन के तहत गुदमा गोंदिया, गोंदिया गंगाझरी तथा आरओआर गोंदिया खंडों की कमीशनिंग की गई।
वहीं, गेवरा रोड पेंड्रा रोड नई रेल लाइन के अंतर्गत उरगा–कुसमुंडा खंड तथा केंद्री धमतरी एवं अभनपुर राजिम आमान परिवर्तन परियोजना के तहत अभनपुर कुरूद खंड का कार्य भी सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया।
इन परियोजनाओं के दौरान कोतरलिया, गोंदिया, किरोड़ीमल नगर, रायगढ़, सारागांव, चक्रधर नगर, बाराद्वार एवं तुमसर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य भी संपन्न किए गए। जटिल कार्यों के बावजूद यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेनों के निरस्तीकरण को न्यूनतम रखा गया तथा सभी विभागों के समन्वय से कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से संपन्न किया गया।
यातायात सुगमता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष 18 रोड ओवर ब्रिज (ROB) तथा 27 रोड अंडर ब्रिज (RUB) का निर्माण भी किया गया, जिससे रेल एवं सड़क यातायात दोनों में सुधार हुआ है।
इसके अतिरिक्त, 2790 किलोमीटर लंबाई की 41 महत्वपूर्ण परियोजनाएँ वर्तमान में विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। इनमें नई रेल लाइनों के निर्माण के साथ-साथ दोहरीकरण, तीसरी एवं चौथी रेल लाइन परियोजनाएँ शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर रेल क्षमता में वृद्धि, ट्रेनों की गति में सुधार तथा समयबद्ध परिचालन सुनिश्चित होगा।
प्रमुख स्वीकृत परियोजनाओं में खरसिया नया रायपुर परमालकसा नई रेललाइन (278 किमी), रावघाट जगदलपुर नई रेललाइन (140 किमी), गोंदिया बल्लारशाह दोहरीकरण (240 किमी) तथा गोंदिया जबलपुर दोहरीकरण (231 किमी) शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी, जिससे औद्योगिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधाएँ प्राप्त होंगी।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने स्पष्ट किया है कि वह भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ अवसंरचना विकास के कार्यों को गति देता रहेगा और राष्ट्र की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
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