बिलासपुर। कोटा क्षेत्र के ग्राम करगीखुर्द में जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया। गांव में लंबे समय से चल रहे विवाद के चलते एक किसान की फरसा से गला काटकर हत्या कर दी गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं समेत पांच आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

कोटा एसडीओपी नुपूर उपाध्याय के अनुसार करगीखुर्द निवासी मोहन पांडेय (52) किसान थे। उनकी पत्नी सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं और उनकी पोस्टिंग गनियारी में है। इसी कारण मोहन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गनियारी के भाड़म में किराए के मकान में रह रहे थे। रविवार सुबह मोहन अपने दोस्त शरद कौशिक के साथ करगीखुर्द गांव पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि मोहन पांडेय का गांव के ही राजाराम साहू और उसके परिवार से जमीन के एक टुकड़े को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविवार को इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। विवाद इतना बढ़ा कि राजाराम और उसके परिवार के लोगों ने मिलकर मोहन पर हमला कर दिया। इस दौरान फरसा से मोहन के गले पर वार किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमले में साथ गए शरद कौशिक को भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही कोटा पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका था और इसकी शिकायत थाने में भी दर्ज कराई गई थी। इसी पुराने विवाद के चलते रविवार को फिर से झगड़ा हुआ, जो हत्या में बदल गया। फिलहाल पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ के आधार पर राजाराम साहू (21) समेत उसके परिवार की दो महिलाओं सहित कुल पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है। सभी से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
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