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February 28, 2026 8:19 pm

वर्धा में मराठी भाषा गौरव दिवस का आयोजन, कुलपति ने मराठी में किया संबोधन

वर्धा।महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में मराठी भाषा गौरव दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने पहली बार मराठी भाषा में संबोधित करते हुए अभिजात मराठी के संरक्षण एवं संवर्धन को सामूहिक दायित्व बताया।

कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि अभिजात मराठी भाषा ज्ञान से समृद्ध है और मराठी साहित्यकारों तथा पत्रकारों ने अपनी सृजनशीलता से इसे विश्व पटल तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि भाषाएं केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति का आधार होती हैं। सभी भारतीय भाषाएं देश के स्वाभिमान और अस्तित्व का अभिन्न अंग हैं।

ग़ालिब सभागार में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति और मराठी का भवितव्य’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रेणुका महाविद्यालय, नागपुर की मराठी विभाग प्रमुख प्रो. प्रेमा लेकुरवाळे मुख्य अतिथि एवं वक्ता रहीं। अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति ने संत परंपरा के योगदान का उल्लेख करते हुए संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम तथा सुप्रसिद्ध पत्रकार बाबूराव विष्णु पराड़कर के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मराठी भाषा में रोजगार के अवसर निरंतर बढ़ रहे हैं और मराठी मीडिया भी सशक्त रूप से आगे बढ़ रहा है।

कुलपति ने बताया कि वर्धा आने के एक वर्ष के भीतर मराठी में यह उनका पहला सार्वजनिक प्रयास था, जो उनके लिए एक परीक्षा की घड़ी समान रहा। उनके इस प्रयास का उपस्थित जनों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। अपने वक्तव्य के समापन पर उन्होंने सुप्रसिद्ध कवि सुरेश भट की पंक्तियां उद्धृत कीं—

लाभले आम्हास भाग्य बोलतो मराठी

मुख्य अतिथि प्रो. प्रेमा लेकुरवाळे ने कहा कि भाषा के साथ-साथ बोलियों का संरक्षण भी आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में कहा कि इंजीनियरिंग एवं मेडिकल जैसे विषयों के पाठ्यक्रम मराठी में तैयार हो रहे हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

कार्यक्रम में साहित्य विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार ने स्वागत भाषण देते हुए मराठी संतों एवं साहित्यकारों के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कुसुमाग्रज, शिवाजी सावंत, अन्नाभाऊ साठे तथा नामदेव ढसाळ के साहित्यिक अवदान का उल्लेख किया।

कार्यक्रम की प्रस्तावना संयोजक डॉ. संदीप सपकाले ने प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से विश्वविद्यालय में मराठी विभाग की स्थापना के बाद से प्रतिवर्ष मराठी भाषा गौरव दिवस आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं विष्णु वामन शिरवाडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। विश्वविद्यालय के कुलगीत एवं ‘जय जय महाराष्ट्र माझा, गर्जा महाराष्ट्र माझा’ गीत से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस अवसर पर सभी उपस्थितों का पारंपरिक पगड़ी (फेटा) बांधकर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉ. शैलेश मरजी कदम ने किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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