रायपुर, 22 फरवरी।हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय एचएनएलयू का नौवां दीक्षांत समारोह रविवार को राज्य की राजधानी रायपुर स्थित होटल बैबिलॉन कैपिटल में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत थे, जिन्होंने दीक्षांत भाषण दिया। कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं एचएनएलयू कार्यकारी परिषद के सदस्य न्यायमूर्ति पी.एस. परासिम्हा, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा, राज्य के जनजातीय मंत्री रामविचार नेताम तथा राज्य के विधि मंत्री गजेंद्र यादव विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
एचएनएलयू के कुलाधिपति एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कुल 242 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं। इनमें 6 शोधार्थियों को पीएचडी, 88 विद्यार्थियों को एलएलएम तथा 148 विद्यार्थियों को बीए एलएलबी (ऑनर्स) की उपाधि प्रदान की गई।

समारोह के दौरान शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 10 स्नातक एवं 3 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को कुल 36 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इनमें कुलाधिपति स्वर्ण पदक, सर्वश्रेष्ठ स्नातक छात्र के लिए विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, छत्तीसगढ़ राज्य बार काउंसिल स्वर्ण पदक सहित स्वर्गीय कमल नारायण शर्मा, स्वर्गीय श्रीमती शांति देवी अग्रवाल स्मृति, श्री विद्याधर मिश्रा स्मृति, दिनेश प्रसाद श्रीवास्तव स्मृति, स्वर्गीय हामिदुल्ला खान, स्वर्गीय के.पी. मुंशी तथा सैयद वकिल अहमद रिजवी स्वर्ण पदक शामिल हैं।
इससे पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने एचएनएलयू परिसर में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले नए सभागार परिसर की आधारशिला रखी। साथ ही अनुसंधान अवसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 30 अनुसंधान कक्षों एवं एक बोर्ड रूम से सुसज्जित अनुसंधान केंद्र एवं स्पोक आर-एचएएस ब्लॉक का उद्घाटन किया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वी.सी. विवेकानंदन ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर एचएनएलयू के रजिस्ट्रार डॉ. दीपक के. श्रीवास्तव, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, रजिस्ट्रार जनरल सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
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