
रायपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में जमीन खरीदी के लिए लाई गई 36 लाख 50 हजार रुपये की नगदी के गबन का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस वारदात का मास्टरमाइंड खुद प्रार्थी का करीबी मित्र निकला।
पुलिस के अनुसार, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पिरदा निवासी ज्ञानप्रकाश पांडे ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 फरवरी को वह ग्राम पिरदा स्थित भूमि की रजिस्ट्री के सिलसिले में अपने मित्र नितिन सोनी के साथ कार क्रमांक CG-17-RJ-1911 से रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचा था। मल्टीलेवल पार्किंग, महतारी चौक में कार खड़ी कर उसने चाबी नितिन सोनी को सौंप दी और स्वयं कार्यालय चला गया। इसी दौरान कार में रखे सफेद थैले से 36.50 लाख रुपये गायब हो गए।
प्रार्थी के लौटने पर नितिन सोनी ने रकम चोरी होने की बात कही, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। संदेह के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देश पर एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिसमें कार के पास एक संदिग्ध स्कूटी सवार व्यक्ति की गतिविधियां सामने आईं। तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ के दौरान नितिन सोनी बार-बार बयान बदलता रहा, जिससे पुलिस का शक और गहराया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर नितिन सोनी ने अपने साथी तनवीर आलम के साथ मिलकर रकम गबन करने की साजिश कबूल कर ली। पुलिस के मुताबिक, अत्यधिक कर्ज में डूबे नितिन ने पहले से योजना बनाकर प्रार्थी को भरोसे में लिया और मौका पाकर अपने साथी को बुलाकर पूरी रकम निकाल ली। इसके एवज में तनवीर आलम को दो लाख रुपये देने की बात तय हुई थी।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से गबन की पूरी राशि 36 लाख 50 हजार रुपये बरामद कर ली है। इस मामले में थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 94/26 धारा 316(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में नितिन कुमार सोनी (32 वर्ष), निवासी सुमित लैंडस्केप, थाना विधानसभा रायपुर तनवीर आलम (28 वर्ष), निवासी ट्रांसपोर्ट नगर रावाभांठा, थाना खमतराई रायपुर शामिल हैं । पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया बल्कि पूरी रकम बरामद कर एक बड़ी आर्थिक ठगी को उजागर किया है।
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