मैनपाट महोत्सव सरगुजा की पहचान -सांसद चिंतामणि महाराज

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, कवि सम्मेलन और शिव आराधना से सजी अंतिम संध्या,रायगढ़ के कलाकार राकेश शर्मा ने भक्ति, सूफी एवं लोकगीतों की सशक्त प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने सराहा

अम्बिकापुर, 16 फरवरी 2026। जिले में आयोजित तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव 2026 का समापन हर्षोल्लास, सांस्कृतिक गरिमा और जनउत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। समापन समारोह का मुख्य आकर्षण बॉलीवुड की सुप्रसिद्ध गायिका कनिका कपूर की लाइव प्रस्तुति रही, जिसने महोत्सव को यादगार बना दिया।
कनिका कपूर ने अपने लोकप्रिय गीत चिट्टियां कलाइयां बेबी डॉल यार ना मिले सहित कई सुपरहिट बॉलीवुड गीतों की प्रस्तुति दी। उनकी ऊर्जावान गायकी पर हजारों की संख्या में उपस्थित दर्शक झूमते नजर आए। महोत्सव स्थल तालियों और उत्साह से गूंजता रहा।इस कार्यक्रम में रायगढ़ के कलाकार राकेश शर्मा ने भक्ति, सूफी एवं लोकगीतों की सशक्त प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
महाशिवरात्रि पर शिव भजन और शिव ताण्डव नृत्य रहे विशेष आकर्षण
महोत्सव की अंतिम संध्या गीत-संगीत, नृत्य एवं नाट्य प्रस्तुतियों से सराबोर रही। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रस्तुत शिव भजन एवं शिव ताण्डव नृत्य ने आध्यात्मिक वातावरण का सृजन किया, जिसे दर्शकों ने विशेष सराहना दी।
आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों राहुल मंडल, मानवी भगत, जय किशन विश्वास, शिवम सिन्हा सहित अन्य प्रतिभाओं ने प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। अन्य जिलों से आए कलाकारों में कोरिया जिले के सचिन्द्र कुमार एवं मनेन्द्रगढ़ की जसमीत कौर ने अपने गीत-संगीत से श्रोताओं को आकर्षित किया।

बिलासपुर की नृत्यांगना ज्योति वैष्णव ने कत्थक नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुति देकर शास्त्रीय नृत्य की गरिमा को मंच पर साकार किया। आनंद कुमार गुप्ता मदारी आर्ट ग्रुप द्वारा प्रस्तुत भजन, संगीत एवं लोकनृत्य ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। विविध सांस्कृतिक विधाओं के समावेश ने महोत्सव को बहुरंगी स्वरूप प्रदान किया।
कवि सम्मेलन में ओज, हास्य और व्यंग्य की गूंज
महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित कवि सम्मेलन ने साहित्य प्रेमियों को विशेष आनंद प्रदान किया। जिले के ख्यातिप्राप्त कवियों ने ओज, श्रृंगार, हास्य एवं व्यंग्य रस से परिपूर्ण कविताओं का पाठ किया। ओजपूर्ण रचनाओं ने देशभक्ति का संचार किया, वहीं हास्य कविताओं ने श्रोताओं को ठहाकों से भर दिया।
कवि सम्मेलन में विनोद हर्ष, संतोष सरल, देवेंद्र नाथ दुबे, अंचल सिन्हा, योगेन्द्र गहरवार, राजेश पाण्डेय, आशा पांडे, पूनम दुबे, प्रकाश कश्यप, माधुरी जायसवाल, सपन सिन्हा, मुकुंद लाल साहू, अनीता मंदिलवार, कृष्णकांत पाठक, राजेन्द्र विश्वकर्मा एवं रंजीत सारथी ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव के दौरान स्थानीय कला, संस्कृति, साहित्य और मनोरंजन का समृद्ध समागम देखने को मिला, जिसने जिले की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान की।
मैनपाट महोत्सव सरगुजा की पहचान -सांसद चिंतामणि महाराज
मैनपाट महोत्सव 2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि यह महोत्सव सरगुजा जिले की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन एवं क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में मैनपाट महोत्सव को और अधिक भव्य स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा मैनपाट के पर्यटन विकास के लिए की गई घोषणाएं क्षेत्र को नई दिशा देंगी। इस अवसर पर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि महोत्सव स्थानीय संस्कृति और प्रकृति से जुड़ाव का सशक्त माध्यम है। समापन समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
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