अवैध बॉक्साइट खनन की सूचना पर पहुंचे थे अधिकारी,खेत से लौट रहे ग्रामीणों से मारपीट का आरोप,हत्या का मामला दर्ज, पूछताछ जारी

आईजी सरगुजा दीपक झा ने कहा जांच जारी, दोषी नहीं बचेंगे
छत्तीसगढ़ बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के कुसमी क्षेत्र में देर रात हुई मारपीट की गंभीर घटना ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। कुसमी में पदस्थ एसडीएम करुण कुमार डहरिया को एक ग्रामीण की मौत के मामले में पुलिस ने हिरासत में लिया है। घटना के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
अवैध बॉक्साइट खनन की सूचना पर पहुंचे थे अधिकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत हंसपुर में अवैध बॉक्साइट उत्खनन और ट्रक में लोडिंग की सूचना मिलने पर एसडीएम करुण कुमार डहरिया, नायब तहसीलदार पारस शर्मा सहित अन्य अधिकारी थार वाहन से मौके पर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों द्वारा एक ट्रक पकड़े जाने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी। उस समय मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी नहीं होने से हालात बिगड़ गए।
खेत से लौट रहे ग्रामीणों से मारपीट का आरोप
घटना के संबंध में सामने आई जानकारी के अनुसार, रात करीब दो बजे हंसपुर निवासी 62 वर्षीय रामनरेश राम पिता रेघा उरांव, 60 वर्षीय अजीत पिता लालचंद उरांव तथा 20 वर्षीय आकाश पिता रूपसाय अगरिया अपने खेत से लौट रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम सहित उनके साथ मौजूद लोगों ने लाठी-डंडों से मारपीट की। घायलों को रात में ही अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने रामनरेश राम को मृत घोषित कर दिया। अजीत और आकाश का उपचार जारी है।
हत्या का मामला दर्ज, पूछताछ जारी
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने मामले में हत्या का अपराध दर्ज कर एसडीएम करुण कुमार डहरिया को हिरासत में लिया है। नायब तहसीलदार सहित अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। घटना के बाद जिले भर से पुलिस बल कुसमी पहुंचा है। क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर प्रशासन सतर्क है।
आईजी सरगुजा रेंज का बयान
इस मामले में जहां जिला स्तर के अधिकारियों का अनवरत मौन बना हुआ है, वहीं आईजी सरगुजा रेंज दीपक झा ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा एक ग्रामीण की मौत हुई है और दो ग्रामीण घायल हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।”
कार्रवाई में देरी और हस्तक्षेप की चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते प्रारंभिक कार्रवाई में देरी हुई। वहीं, मीडिया को अस्पताल और थाने से दूर रखने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है।
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