बिलासपुर। प्रेमी के हमले में गंभीर रूप से घायल युवती ने छह दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद मंगलवार दोपहर सिम्स अस्पताल में दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मरच्यूरी में रखवा दिया है। मामले की जांच जारी है।
कोतवाली थाना प्रभारी देवेश राठौर ने बताया कि जूना बिलासपुर करबला निवासी निशा श्रीवास (22) पार्लर में काम करती थी। उसका सरकंडा क्षेत्र के अशोक नगर निवासी शुभम नायडू (28) से प्रेम संबंध था। शुभम एक निजी बैंक में कार्यरत था। उसने पहले प्रेम विवाह किया था और उसका एक बेटा भी है। शादी के कुछ समय बाद ही पत्नी से उसका विवाद शुरू हो गया था। बताया जा रहा है कि तीन फरवरी की रात शुभम निशा को बुलेट बाइक से अपने साथ कोरबा ले गया। भारतमाला रोड से होते हुए वह उरगा क्षेत्र के मड़वारानी मंदिर पहुंचे। देर रात करीब दो बजे निशा ने घायल अवस्था में अपनी एक सहेली को वीडियो कॉल कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन ने डायल 112 को खबर दी और खुद भी मौके के लिए रवाना हो गए। ग्राम संडैल के पास एक पुल के पास पुलिस को शुभम और निशा घायल अवस्था में मिले। जांच में शुभम की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि निशा गंभीर रूप से घायल थी। उसे पहले कोरबा में प्राथमिक उपचार दिया गया, फिर सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया। सिम्स में ऑपरेशन के बाद उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया था और उसकी हालत में सुधार भी दिख रहा था। गले में गंभीर चोट होने के कारण निशा बोल नहीं पा रही थी। हालांकि वह मोबाइल पर टाइप कर परिजनों को घटना के बारे में बताती रही। अपनी तबीयत से जुड़ी जानकारी भी वह इसी माध्यम से साझा कर रही थी। दो दिन पहले अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह कोमा में चली गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन मंगलवार दोपहर उसने दम तोड़ दिया।
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