बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा बस स्टैंड स्थित पान महल की फोटो किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए नहीं बल्कि निगरानी अभियान का हिस्सा, अड्डेबाज़ों और असामाजिक तत्वों को साफ संदेश-कानून तोड़ा तो सीधी जेल

छत्तीसगढ़ ।बिलासपुर शहर की शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब बचने का कोई रास्ता नहीं है। बिलासपुर पुलिस ने अपराध और अड्डेबाज़ी पर लगाम कसने के लिए हाईटेक निगरानी अभियान शुरू कर दिया है, जिसमें ड्रोन कैमरों से शहर के संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। इस पूरे अभियान की कमान स्वयं डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने संभाली है।
बस स्टैंड क्षेत्र स्थित पान महल की जो तस्वीर हाल ही में एसएसपी द्वारा जारी की गई है वह इसी निगरानी अभियान का हिस्सा है। यह फोटो किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए नहीं बल्कि एक स्पष्ट संदेश देने के लिए जारी की गई है कि सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली हर गतिविधि पुलिस की नजर में है।

एसएसपी रजनीश सिंह के निर्देश पर शहरी थाना क्षेत्र सहित शहर के भीड़भाड़ वाले स्थानों बस स्टैंड, पान ठेलों और संभावित अड्डेबाज़ी स्थलों पर ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस के अनुसार ड्रोन से मिली लाइव जानकारी के आधार पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है जिससे असामाजिक तत्वों में भय और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।
एसएसपी सिंह ने कहा है कि कानून व्यवस्था भंग करने अवैध जमावड़ा करने और सार्वजनिक शांति को प्रभावित करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। नियम तोड़ने वालों को मौके पर ही गिरफ्तार कर सीधे जेल भेजा जाएगा।
तकनीक के साथ सख्ती
एसएसपी के निर्देश पर थाना तारबहार क्षेत्र सहित शहर के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। ये ड्रोन न केवल भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नजर रखते हैं, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों, अवैध जमावड़े और अड्डेबाज़ी पर तुरंत अलर्ट भी देते हैं।

एसएसपी का का कहना है कि यह अभियान सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं है बल्कि अपराध की रोकथाम की दिशा में एक ठोस कदम है। तकनीक के सहारे पुलिस की मौजूदगी अब हर समय और हर जगह सुनिश्चित की जा रही है ,इससे जहाँ कार्रवाई तेज हुई है वहीं असामाजिक तत्वों में साफ तौर पर भय का माहौल बना है।
रोकथाम की पुलिसिंग

एसएसपी की सोच साफ़ है पुलिस जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है किसी भी तरह के अपराध से पहले रोकथाम पहली प्राथमिकता है यही कारण है कि ड्रोन से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है।अपराध होने के बाद कार्रवाई से बेहतर है, अपराध से पहले ही उस पर लगाम लगाना। ड्रोन निगरानी इसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे बिना पुलिस की प्रत्यक्ष मौजूदगी के भी निगरानी बनी रहती है। यह पुलिसिंग का वह रूप है जिसमें सख्ती के साथ-साथ सतर्कता और स्मार्ट तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।उन्होंने स्पष्ट किया कि अड्डेबाज़ी और हुड़दंग करने और कानून तोड़ने वालो को सीधा जेल भेजा जाएगा।
आम लोगों के लिए भरोसा

बस स्टैंड, पान ठेले और सार्वजनिक स्थान आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं। इन जगहों पर होने वाली अव्यवस्था सबसे ज्यादा महिलाओं, यात्रियों और छोटे व्यापारियों को प्रभावित करती है। पुलिस का यह अभियान उनके लिए सुरक्षा और भरोसे का संदेश लेकर आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निगरानी बढ़ने से खुलेआम अड्डेबाज़ी और हुड़दंग में कमी महसूस की जा रही है।
चेतावनी भी, संदेश भी

पान महल की तस्वीर सिर्फ एक फोटो नहीं, बल्कि एक चेतावनी है-कानून तोड़ने वालों के लिए और एक भरोसा है कानून मानने वालों के लिए। पुलिस ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा और किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
आने वाले दिनों में और सख्ती
एसएसपी सिंह ने संकेत दिए हैं कि ड्रोन निगरानी और तकनीकी संसाधनों का दायरा आगे और बढ़ाया जाएगा। शहर के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि शांति व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत किया जा सके।
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