नशे के कारोबार पर किया प्रहार, एनडीपीएस एक्ट में 308 आरोपी गिरफ्तार
महिला सुरक्षा पर रहा फोकस, अपराधों में त्वरित कार्रवाई और जागरूकता अभियान
साइबर अपराधों पर कसा शिकंजा, ठगी के मामलों में हुई त्वरित कार्रवाई
दुर्ग छत्तीसगढ़ ।जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने की दिशा में दुर्ग पुलिस ने वर्ष 2025 में उल्लेखनीय कार्य किया है। पुलिस द्वारा प्रस्तुत वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 10,927 अपराध दर्ज किए गए, जिनमें से 93 प्रतिशत मामलों का निराकरण किया जा चुका है।

एसएसपी आईपीएस विजय अग्रवाल ने बताया कि गंभीर अपराधों में संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ त्वरित विवेचना और चालान पेश करने पर विशेष जोर दिया गया। नए आपराधिक कानूनों के तहत प्रत्येक शिकायत पर शीघ्र अपराध पंजीबद्ध कर कार्रवाई की गई।
गंभीर अपराधों पर कड़ी कार्रवाई
वर्ष 2025 में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और गंभीर मारपीट जैसे अपराधों में कुल 3,815 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें 5,632 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। कई अंधे हत्याकांडों का खुलासा कर आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
महिला एवं बाल अपराधों पर विशेष फोकस
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला अनुसंधान इकाई द्वारा मामलों की सतत निगरानी की गई। स्कूलों एवं कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर बच्चों को ‘गुड टच-बैड टच’ सहित सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई।
नशे और अवैध शराब के खिलाफ अभियान
नशे के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 133 प्रकरणों में 308 आरोपियों को गिरफ्तार किया। बड़ी मात्रा में गांजा, ब्राउन शुगर, हेरोइन एवं नशीली दवाइयाँ जब्त की गईं। वहीं आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
संपत्ति अपराध और साइबर क्राइम
चोरी, लूट और नकबजनी जैसे मामलों में तकनीकी साक्ष्यों एवं सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की गई। साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाकर पीड़ितों को राशि वापस दिलाने के प्रयास किए गए।
यातायात व्यवस्था और जनजागरूकता
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की गई। साथ ही जिलेभर में जागरूकता अभियानों के माध्यम से लाखों लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति सचेत किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि आने वाले समय में आधुनिक तकनीक, नवाचार और जनसहयोग के माध्यम से अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
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