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April 4, 2026 2:13 am

6.46 करोड़ की ऑनलाइन ठगी, ठग महिला की जमानत याचिका को हाई कोर्ट ने किया खारिज

बिलासपुर। फर्जी बीमा,लूडो गेम,ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और नौकरी का झांसा देकर लोगों से ठगी कर 6.46 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की आरोपी महिला की जमानत याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर बिलासपुर के साइबर थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक के खातों की जांच की।
जांच के दौरान 21 ऐसे बैंक खातों की पहचान की गई, जिनमें 4 दिसंबर 2023 से 13 मई 2025 के बीच संदिग्ध रूप से 6 करोड़ 46 लाख 72004 रुपए के लेन-देन हुए। इन खातों के माध्यम से ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग एप से ठगी, बीमा धोखाधड़ी और फर्जी नौकरी देने के नाम पर रकम लिए गए। जांच में सामने आया कि चिंगराजपारा, सरकंडा निवासी निशा साहू ने सह आरोपी संतोष यादव और राजकुमार दुसेजा के कहने पर अपने नाम से बैंक खाता खोला और उसे ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए इस्तेमाल करने दिया। इसके बदले उसे 10 हजार रुपए का कमीशन मिला। पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर महिला को गिरफ्तार किया था।

राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि निशा सहित अन्य आरोपियों के खातों में भारी मात्रा में संदिग्ध लेन-देन हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह एक सुनियोजित साइबर अपराध है, जिसमें कई लोग शामिल हैं। इससे पहले सह-आरोपियों समीर कश्यप, गोवर्धन बघेल, करण सिंह, नागेश्वर ठाकुर, रुक्मिणी बंसोड़ और विकास कैवर्त की जमानत याचिकाएं भी 25 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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