
“राज्य स्थापना दिवस पर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने जताई नाराजगी, कहा-बिलासपुर के यात्रियों के साथ हो रहा है अन्याय,समिति ने स्पष्ट किया कि बिलासपुर एयरपोर्ट से नियमित हवाई सेवाओं की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा”
CBN36 बिलासपुर, 1 नवंबर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं की स्थिति को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने नाराजगी जाहिर की है। समिति ने आरोप लगाया कि राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी बिलासपुर और आसपास के संभागीय क्षेत्र के नागरिकों को नियमित हवाई सुविधा नहीं मिल पा रही है। वर्तमान में बिलासपुर से प्रयागराज, कोलकाता और अंबिकापुर के लिए सप्ताह में केवल एक-एक दिन उड़ान उपलब्ध है, जबकि दिल्ली के लिए सप्ताह में चार दिन हवाई सेवा संचालित हो रही है।
समिति ने सवाल उठाया कि देश में आखिर ऐसा कौन सा एयरपोर्ट है, जहां किसी गंतव्य के लिए सप्ताह में केवल एक दिन हवाई सेवा दी जाती है। समिति के अनुसार, सामान्य तौर पर क्षेत्रीय हवाई सेवाएं सप्ताह में कम से कम तीन दिन संचालित होती हैं, लेकिन बिलासपुर के मामले में उड़ानों की संख्या लगातार घटाई जा रही है।
प्रयागराज और कोलकाता की उड़ानों में कटौती
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने बताया कि बिलासपुर से प्रयागराज के लिए मार्च 2021 से 2024 तक सप्ताह में चार दिन उड़ान संचालित होती थी। इस दौरान विमान में 70 प्रतिशत से अधिक ऑक्युपेंसी रहती थी। इसके बावजूद पहले उड़ानों की संख्या घटाकर सप्ताह में दो दिन की गई और अब 2026 में इसे घटाकर केवल एक दिन कर दिया गया है।
समिति का कहना है कि उड़ानों की अनियमितता और सीमित उपलब्धता के कारण यात्रियों की संख्या प्रभावित हुई है। अब कई यात्री प्रयागराज जाने के लिए ट्रेन अथवा निजी वाहनों का विकल्प चुन रहे हैं।
इसी तरह बिलासपुर-कोलकाता उड़ान पहले सप्ताह में दो दिन संचालित होती थी। इसे बंद किए जाने के बाद अब सप्ताह में केवल एक दिन सेवा उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है। समिति ने इस स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं।
अंबिकापुर उड़ान को लेकर भी उठाए सवाल
समिति ने बिलासपुर-अंबिकापुर हवाई सेवा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस रूट पर भी सप्ताह में केवल एक दिन उड़ान उपलब्ध है। जबकि फ्लाई बिग एयरलाइंस ने उड़ान योजना के तहत बिलासपुर-अंबिकापुर रूट लिया था, जिस पर सप्ताह में कम से कम तीन दिन सेवा देने की अपेक्षा थी। समिति का आरोप है कि एयरलाइंस ने निर्धारित सेवा नहीं दी और संबंधित स्तर पर भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
समिति ने छत्तीसगढ़ सरकार की सब्सिडी वाली हवाई सेवाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि अंबिकापुर-रायपुर-जगदलपुर-हैदराबाद रूट पर सप्ताह में तीन दिन उड़ान संचालित की जा रही है। इस सेवा के पहले दिन अंबिकापुर से 19 यात्रियों ने सफर किया था। इसके बावजूद बिलासपुर से कोलकाता के लिए 36 और 42 यात्रियों के साथ संचालित होने वाली उड़ानों को प्रभावित किया गया।
उपमुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी नहीं बढ़ी उड़ान
समिति ने सवाल किया कि क्या प्रशासनिक स्तर पर लिए जा रहे निर्णयों पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के निर्देशों का भी असर नहीं हो रहा है। समिति ने याद दिलाया कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बिलासपुर-कोलकाता उड़ान को पूर्व की तरह सप्ताह में दो दिन संचालित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सेवा की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है।
समिति ने मांग की कि बिलासपुर से सभी प्रमुख गंतव्यों के लिए नियमित और पर्याप्त हवाई सेवाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि बिलासपुर सहित पूरे संभाग के नागरिकों को इसका लाभ मिल सके।
महाधरना जारी, बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महाधरना रविवार को भी जारी रहा। धरने में रवि बनर्जी, बद्री यादव, अनिल गुलहरे, शिरीष कश्यप, ऋषि राज गौतम, गोपी राव, विभूति भूषण गौतम, देवेंद्र सिंह ठाकुर, मोहन जायसवाल, जसवीर चावला, रणजीत सिंह खनूजा, राशिद बक्श, मजहर खान, प्रतीक तिवारी, केशव गोरख, मोहसिन अली, अखिल अली और सुदीप श्रीवास्तव सहित अनेक लोग शामिल हुए।
प्रधान संपादक